मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
IBAI की चेतावनी: 10 लाख नौकरियों पर संकट! इरडा के नए प्रस्ताव से 70% घटेगी इनकम​ | पंजाब के तरनतारन में AAP सरपंच की दिनदहाड़े हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां​ | ICC World Cup 2027 के टिकट बैलेट में 10 लाख आवेदन, India vs Pakistan मैच की सबसे ज्यादा मांग​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

बार-बार टैक्स बदलने का झंझट खत्म! साल में सिर्फ एक बार बदलेंगी जीएसटी दरें, ये रहा काउंसिल का पूरा प्लान​

जीएसटी काउंसिल टैक्स रेट्स में बदलाव के किसी भी प्रस्ताव पर साल में केवल एक बार विचार करेगी और आगे से जीएसटी रेट्स में सभी बदलाव एक अप्रैल यानी वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू किए जाएंगे. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और […]

जीएसटी काउंसिल टैक्स रेट्स में बदलाव के किसी भी प्रस्ताव पर साल में केवल एक बार विचार करेगी और आगे से जीएसटी रेट्स में सभी बदलाव एक अप्रैल यानी वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू किए जाएंगे. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी काउंसिल ने पिछले साल सितंबर में कर दरों और स्लैब को तर्कसंगत बनाने का निर्णय किया था. चार स्लैब वाले जीएसटी को बदलकर पांच और 18 प्रतिशत की दोदर वाली व्यवस्था लागू की गई थी. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि आठ अक्टूबर को होने वाली 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक के एजेंडा में कर दरों में बदलाव शामिल नहीं है.

साल में एक बार होगा बदलाव

सूत्रों ने कहा कि भविष्य में दरों में बदलाव के प्रस्ताव साल में एक बार ही लाए जाएंगे और उन्हें एक अप्रैल यानी नए वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा. आगामी बैठक में रेट्स को तर्कसंगत बनाने और अस्पष्टता दूर करने से जुड़े सीमित मुद्दों पर विचार किया जाएगा. अन्य प्रस्तावों के तहत परिषद यह मंजूर कर सकती है कि ईकॉमर्स मंच के जरिये की जाने वाली आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना पांच प्रतिशत की एकल जीएसटी दर लागू होगी.

एक साल से लागू हैं मौजूदा रेट

एक सूत्र ने कहा कि ज्यादातर कारोबारियों के लिए किसी एक रियायत से अधिक महत्वपूर्ण निश्चिततता है. उन्होंने कहा कि स्थिर कर दर व्यवस्था से अनुबंधों की पूरी अवधि के लिए कीमत तय करने और पूंजीगत व्यय की योजना बनाने में मदद मिलती है. सूत्रों ने कहा कि पिछले साल पुनर्गठित जीएसटी करीब एक साल से लागू है और इससे कंज्यूमर्स, उद्योग, कर राजस्व तथा अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ है. पिछले साल जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाए जाने से खपत को बढ़ावा मिला है और जीएसटी राजस्व में भी वृद्धि हुई है. इस साल जून से मासिक जीएसटी राजस्व में दहाई अंक में वृद्धि हुई है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY