ट्रिप पर गए और वहां पर अलगअलग जगहों को एक्सप्लोर करने की वजह से बहुत ज्यादा थकान हो गई. अब वापस आकर फिर से काम में लगना है. ऐसे में मूड और भी ज्यादा खराब हो जाता है. जब बहुत आपाधापी हो तो किसी शहर की बहुत सारी जगहें घूमने की बजाय स्लो ट्रेवल डेस्टिनेशन चुननी चाहिए. ये ऐसी जगहें होती हैं जहां पर बहुत कम शोर होगा और भीड़ भी कम होती है. आप एक जगह ठहर के प्रकृति के बीच उसकी सुंदरता का आनंद ले सकते हैं और वहां की स्थानीय संस्कृति से रूबरू हो सकते हैं. इससे आपको एक फ्रेश स्टार्ट पाने में हेल्प मिलती है.

भारत की इन स्लो ट्रेवल डेस्टिनेशन पर रुककर वहां के खाने से लेकर ग्रामीण जीवन तक का अनुभव बेहद ही अनूठा रहेगा. 3 से 4 दिनों में ही आप वहां इतने रम जाते हैं कि वापस शहर की भीड़ में लौटकर आने का मन ही नहीं करता है. तो चलिए इस आर्टिकल में ऐसी ही जगहों के बारे में जान लेते हैं.
माजुली द्वीप, असम
भारत के स्लो ट्रेवल डेस्टिनेशन की बात करें तो आप असम के माजुली द्वीप जा सकते हैं. ब्रह्मपुत्र की नदी के बीच बसा ये आइसलैंड कमाल का खूबसूरत है. यहां पर आप बांस के बने घरों में ठहर सकते हैं. शांत मठों के सेशन में हिस्सा ले सकते हैं. वहां दर्शन कर सकते हैं और स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकते हैं. इन सारी एक्टिविटी में आपको अंदर तक बेहद सुकून महसूस होगा.
तीर्थन घाटी, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की कई जगहें हैं जो बेहद पॉपुलर पर्यटन स्थल हैं और इसी वजह से यहां पर काफी ज्यादा भीड़ रहती है. हालांकि यहां की तीर्थन घाटी एक बहुत ही शांत और कम भीड़ वाली जगह है. ये ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के पास स्थित है. यहां पर आप नदी किनारे बैठकर पहाड़ों के बीच समय बिता सकते हैं. आसपास के छोटेछोटे गांव को ट्रैकिंग करके एक्सप्लोर कर सकते हैं. प्रकृति के बीच का शांत माहौल आपको एनर्जी से भर देगा.
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गोकर्ण, कर्नाटक
दक्षिण भारत भी घूमने के लिहाज से हरियाली भरी जगहों के लिए काफी फेमस है. आप अगर स्लो ट्रेवल डेस्टिनेशन खोज रहे हैं तो कर्नाटक के गोकर्ण जा सकते हैं. ये एक ऐसी जगह है जो गोवा वाली फील देगी, लेकिन कम कमर्शियल होने की वजह से यहां पर सुकून है. आप यहां के शांत समुद्र तटों पर लंबी सैर कर सकते हैं. सुकून भरे पल बिता सकते हैं और योग रिट्रीट में हिस्सा ले सकते हैं. इसी के साथ लोकल फूड को एंजॉय करना एक अलग अनुभव रहेगा.
लोंगवा गांव, नागालैंड
आप भारत के नॉर्थ ईस्ट में बसे नागालैंड के लोंगवा गांव जा सकते हैं जो म्यांमार सीमा पर बसा एक अनोखा और ऐतिहासिक गांव है. ये यहां के मोन जिले में पड़ता है. गांव के मुखिया का घर ठीक सीमा पर पड़ता है, जिसका आधा हिस्सा हमारे देश में है तो आधा म्यांमार है. यहां तक कि कई ऐसे घर हैं, जिनकी रसोई एक देश में तो सोने का कमरा दूसरे देश की सीमा में पहुंच जाता है. ये कोन्याक जनजाति का गांव है जिसे प्राचीन परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. ये ऑफबीट डेस्टिनेशन बेहद अनोखी है और आपको होमस्टे में ही रुकना होता है जिनमें आपको सिर्फ बुनियादी सुविधाएं ही मिलती हैं. ऐसे में आप भीड़ से तो बिल्कुल ही कट जाते हैं.
मावलिनोंग, मेघालय
स्लो ट्रेवल डेस्टिनेशन की बकेट लिस्ट में मेघालय के मावलिनोंग गांव को जरूर शामिल करना चाहिए. ये एशिया का सबसे साफ गांव है और इसके लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. ऐसे में यहां पहुंचने पर आपको भी नियमकायदों का ध्यान रखना होगा. यहां पर पेड़ों से बने अनोखे लिविंग रूट ब्रिज हैं. इसी के साथ झरने, हरेभरे पेड़, पहाड़ों के नजारे…आप यहां की प्राचीन संस्कृति को जान समझ सकते हैं. मॉडर्न होटलों की बजाय पारंपरिक होम स्टे में परिवारों के साथ समय बिता सकते हैं और वहां की शैली में बना खाना ट्राई कर सकते हैं. ये एक कमाल एक्सपीरियंस रहेगा.