महाराष्ट्र में इस बार बारिश की कमी ने किसानों की चिंता काफी बढ़ा दी है. खेतों में फसलें सूख रही हैं, ऐसे में आने वाले त्योहारी सीजन की चमक भी फीकी पड़ती नजर आ रही थी. लेकिन दिवाली से ठीक पहले राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने भीषण सूखे से जूझ रहे किसानों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. सरकार ने ऐलान किया है कि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की एडवांस राशि ट्रांसफर की जाएगी.

दरअसल, राज्य के कई हिस्से इस वक्त भयंकर जल संकट से गुजर रहे हैं. हालात की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के सह्याद्रि गेस्ट हाउस में एक अहम कैबिनेट बैठक बुलाई. इस बैठक का मुख्य एजेंडा किसानों को इस मुश्किल वक्त से निकालना था. बैठक में तय किया गया कि सूखे से प्रभावित किसानों को फौरी राहत देना सबसे जरूरी है. चूंकि दिवाली का त्योहार सिर पर है, इसलिए सरकार ने बिना किसी देरी के 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने पर मुहर लगा दी.
समय से पहले क्यों घोषित किया गया सूखा
इस बार सरकार ने अपने काम करने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया है. आमतौर पर महाराष्ट्र में सूखे की आधिकारिक घोषणा नवंबर के आखिर तक होती है. लेकिन इस साल हालात इतने खराब हैं कि सरकार को अपनी परंपरा तोड़नी पड़ी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने अक्टूबर महीने में ही सूखा घोषित कर दिया है. इसके लिए जरूरी सरकारी आदेश यानी जीआर भी जारी कर दिया गया है.
सरकार को इस बात का अच्छी तरह अहसास था कि सूखे की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में काफी वक्त लगता है. अगर सरकार कागजी कार्रवाई पूरी होने का इंतजार करती, तो किसानों की दिवाली खराब हो जाती. इसी बात को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने तय किया कि सारी प्रक्रियाएं बाद में होती रहेंगी, सबसे पहले किसानों के खाते में एडवांस पैसे भेजे जाएं ताकि वो अपना त्योहार अच्छे से मना सकें.
40 नए तालुका सूखाग्रस्त सूची में शामिल
सूखे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. सरकार को जो ताजा रिपोर्ट मिली हैं, उनके आधार पर महाराष्ट्र के 40 नए तालुका को भी सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. इन इलाकों में हालात बेहद खराब हैं. फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं. सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि इन इलाकों के किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए. प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में किसी भी तरह की कोई कोताही न बरती जाए.
शिंदे ने निभाया किसानों से किया अपना वादा
सरकार के इस अहम फैसले पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे हर हाल में पूरा किया जा रहा है. शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले ही तय किया था कि राज्य के किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देंगे. इसी कमिटमेंट के तहत बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करने का फैसला लिया गया है. उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि ये सिर्फ फौरी राहत है. आने वाले समय में किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आगे भी आर्थिक सहायता दी जाएगी.