शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
यूपी में नेताओं की कथा: धीरेंद्र कृष्ण की सबसे ज्यादा डिमांड, राजन महाराज-प्रदीप मिश्रा दूसरे नंबर पर​ | धनतेरस पर बनेगा नया रिकॉर्ड, ₹1.25 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है कारोबार​ | काजू कतली में मैदा की मिलावट तो नहीं, इन तरीकों से कर सकते हैं पहचान​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

थायराइड की रिपोर्ट में छिपे हैं सेहत के संकेत, TSH, T3 और T4 का खेल समझिए​

थायराइड की समस्या आजकल काफी आम हो गई है, लेकिन कई बार मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट समझने में परेशानी होती है. थायराइड की जांच में मुख्य रूप से टीएसएच, टी3 और टी4 हॉर्मोन का स्तर देखा जाता है. टीएसएच एक ऐसा हॉर्मोन है, जो मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि से निकलता है और थायराइड को […]

थायराइड की समस्या आजकल काफी आम हो गई है, लेकिन कई बार मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट समझने में परेशानी होती है. थायराइड की जांच में मुख्य रूप से टीएसएच, टी3 और टी4 हॉर्मोन का स्तर देखा जाता है. टीएसएच एक ऐसा हॉर्मोन है, जो मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि से निकलता है और थायराइड को हॉर्मोन बनाने का संकेत देता है.

डॉक्टर रोहित शर्मा कहते हैं कि जब थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो इन हॉर्मोन के स्तर में बदलाव आने लगता है. यदि रिपोर्ट में टीएसएच का स्तर बढ़ा हुआ है और टी4 कम है, तो यह हाइपोथायराइडिज्म यानी थायराइड के कम सक्रिय होने का संकेत हो सकता है.

इस स्थिति में मरीज को थकान, वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज और बाल झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं, टीएसएच कम होने और टी3 या टी4 बढ़ने पर हाइपरथायराइडिज्म यानी थायराइड के अधिक सक्रिय होने की आशंका रहती है.

इसमें वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, पसीना अधिक आना और नींद न आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं. हालांकि, केवल एक रिपोर्ट के आधार पर बीमारी का निश्चित निदान नहीं किया जा सकता.

कई बार टीएसएच में मामूली बदलाव होने पर टी3 और टी4 सामान्य रहते हैं. ऐसे मामलों में मरीज की उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत के अनुसार दोबारा जांच की सलाह दी जा सकती है. गर्भावस्था, कुछ दवाओं और अन्य बीमारियों के कारण भी थायराइड की रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है.

इसलिए रिपोर्ट में हॉर्मोन का स्तर सामान्य सीमा से कम या ज्यादा होने पर घबराने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. बिना चिकित्सकीय सलाह के थायराइड की दवा शुरू करना, उसकी खुराक बदलना या बंद करना नुकसानदायक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज से थायराइड की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY