
इंदौर ; इंदौर में एक टैक्सी ड्राइवर के सुसाइड ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। यहां के राऊ थाना क्षेत्र के पलाश परिसर में रहने वाले अभिषेक पाटिल ने फांसी लगाकर जान दे दी, लेकिन उससे पहले बनाया गया उसका वीडियो अब कई सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस ने पैसे ना देने पर जेल भेजने की दी धमकी
मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अभिषेक ने राजेंद्र नगर थाने के सब-इंस्पेक्टर मनोहर पाल पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि एक्सीडेंट के बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और गाड़ी छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की अवैध वसूली का दबाव बनाया गया। पैसे नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। बताया जा रहा है कि सोमवार रात अभिषेक की टैक्सी एक कार से टकरा गई थी। अभिषेक के मुताबिक, सामने चल रही कार ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे यह हादसा हुआ। इसके बाद कार चालक ने 25 हजार रुपए की मांग की, लेकिन अभिषेक मरम्मत कराने की बात कहता रहा। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई।
पक्षपात का भी लगाया आरोप
सुसाइड करने से पहले वीडियो में अभिषेक ने दावा किया कि थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और टीआई का व्यवहार सामान्य था, लेकिन एसआई मनोहर पाल ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की गाड़ी छोड़ दी गई, क्योंकि उसका ड्राइवर एसआई का परिचित था। अभिषेक ने वीडियो में थाने की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी की थी, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई मनोहर पाल को सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस ने क्या बताया
इस मामले पर डीसीपी कृष्णलाल चंददानी ने बताया कि वायरल वीडियो में अभिषेक ने बताया था कि सोमवार रात राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ था। इसके बाद डायल 112 की टीम दोनों पक्षों को थाने लेकर आई थी। अभिषेक टैक्सी चालक था और दूसरे पक्ष की गाड़ी को नुकसान हुआ था। आरोप है कि दूसरी पार्टी की ओर से उससे 25 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। अभिषेक ने वीडियो में पुलिस पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है।
एसीपी कर रहे जांच
पूरे मामले की जांच एसीपी गांधीनगर को सौंपी गई है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सब-इंस्पेक्टर की क्या भूमिका थी और क्या वास्तव में किसी तरह की पैसों की मांग या दबाव बनाया गया था। मृतक ने घटना से पहले अपने परिजनों को कुछ मैसेज भी भेजे थे। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि वीडियो बनाते समय वह शराब के नशे में था और उसमें बीयर व सिगरेट पीते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने बताया कि सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभिषेक अकेले किराए के मकान में रहता था, जबकि उसका परिवार द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में निवास करता है।
मृतक ने सुसाइड करने से पहले वीडियो जारी किया है। वीडियो में उसने कहा,”सभी लोगों को मेरा नमस्कार। मैं आप सबको एक बात बताना चाहता हूँ। मैं अपनी जिंदगी अच्छे से जीना चाहता था। मैं शादी करना चाहता था। मेरी एक प्रिय थी, मैं उससे शादी करके एक अच्छा घर बसाना चाहता था और सुखी जीवन जीना चाहता था। लेकिन आज मेरे साथ ऐसा हुआ कि मैं टूट गया हूँ। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ। पुलिस वालों ने मेरे साथ बहुत गलत किया है। मैं सोच भी नहीं सकता था कि पुलिस वाले इस तरह का व्यवहार कर सकते हैं। पुलिस का काम सच का साथ देना होता है, लेकिन यहाँ उन्होंने झूठ का साथ दिया।’





