नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर पहली बार जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट जारी करके नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट से 4 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस पैसे का इस्तेमाल मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों के 600 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा.

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्यक्रम पर कुल 11.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके तहत 600 युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए तैयार किया जाएगा. इनमें से 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी में रोजगार के अवसर दिलाने का लक्ष्य है. इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को विदेशी भाषा की ट्रेनिंग और नौकरी पाने के लिए जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे. प्रशिक्षण में बुजुर्गों और जरूरतमंदों की देखभाल, होटल और हॉस्पिटैलिटी, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा.
जयंत चौधरी ने लिया बेल रिंगिंग सेरेमनी में हिस्सा
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सोशल स्टॉक एक्सचेंज मंच पर NSDC की पहली शुरुआत के मौके पर बेल रिंगिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया. इस अवसर पर नाबार्ड ने इस पहल के लिए 4 करोड़ रुपये देने की घोषणा की.जयंत चौधरी ने कहा कि देश की आर्थिक तरक्की के साथ लोगों के कौशल और विकास में निवेश करना भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि सोशल स्टॉक एक्सचेंज सरकार, निजी क्षेत्र और अन्य संस्थानों को पारदर्शी तरीके से सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाओं में निवेश करने का अवसर देता है.
3 जगह से जुटाया जाएगा पैसा
इस योजना के लिए तीन सोर्स से पैसा जुटाया जाएगा. इसमें लाभार्थी कुल खर्च का 15%, सोशल स्टॉक एक्सचेंज के जरिए 35% और मध्य प्रदेश सरकार बाकी 50% खर्च देगी. हालांकि, राज्य सरकार अपना हिस्सा तभी देगी, जब उम्मीदवारों को विदेश में सफलतापूर्वक नौकरी मिल जाएगी. बयान के मुताबिक, इस योजना में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक द्विपक्षीय सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड व्यवस्था लागू होगी. इसके तहत सरकारी खर्च को युवाओं को मिलने वाली नौकरियों के नतीजों से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार युवाओं को योजना से जोड़ने, रहने की सुविधा के साथ प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध कराने और भाषा सीखने के लिए लैब बनाने में भी मदद करेगी.
जापान और जर्मनी में कितनी होगी कमाई?
इस योजना के तहत विदेश में नौकरी पाने वाले युवाओं की अनुमानित मंथली इनकम जापान में करीब 1 लाख से 1.2 लाख रुपये और जर्मनी में करीब 1.1 लाख से 3.2 लाख रुपये हो सकती है. हालांकि, सटीक कमाई नौकरी के प्रकार, योग्यता और रोजगार की शर्तों पर निर्भर करेगी.
इन युवाओं को केयरगिविंग यानी देखभाल से जुड़े काम, होटल और हॉस्पिटैलिटी, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा. ट्रेनिंग का मकसद युवाओं को संबंधित देश की भाषा और कामकाज के माहौल के अनुरूप तैयार करना है.
सोशल स्टॉक एक्सचेंज क्या है?
सोशल स्टॉक एक्सचेंज ऐसा मंच है, जिसके जरिए सामाजिक उद्देश्यों के लिए काम करने वाले पात्र संगठन अपने कार्यक्रमों के लिए वित्तीय संसाधन जुटा सकते हैं. इस पहल में NSDC ने पहली बार जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल साधनों के जरिए पैसा जुटाने की शुरुआत की है.
इस मॉडल में पारंपरिक कर्ज की तरह ब्याज और मूलधन चुकाने की बाध्यता नहीं होती. इसका मकसद सामाजिक योजनाओं के लिए पारदर्शी तरीके से पैसा जुटाना और यह देखना है कि उससे लोगों को कितना वास्तविक लाभ मिला.
इस पहल के जरिए सरकार और संस्थान कौशल विकास को अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ना चाहते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को बेहतर कमाई और स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें.