Wednesday, April 15, 2026
Health

चाह के भी नहीं छोड़ पा रहे मीठा, ये 5 कारण हो सकते हैं बड़ी वजह

मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है. लेकिन कई लोगों इतना मीठा खाते हैं कि उन्हें दिनभर में एक न एक बार तो मीठा चाहिए ही होता है. कई बार लोग यह समझ भी जाते हैं कि ज्यादा चीनी खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है, फिर भी चाहकर भी इसे अपनी डाइट से कम या बंद नहीं कर पाते. सुबह की चाय से लेकर दिनभर के स्नैक्स और मीठे डेज़र्ट तक, चीनी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है. जो सेहत के लिए किसी छिपे हुए जहर से कम नहीं है. दरअसल, मीठा खाने की लत का सीधा असर हमारे दिमाग और हार्मोन पर भी पड़ता है. जब हम मीठा खाते हैं तो दिमाग में ‘फील गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं. जिससे हमें थोड़ी देर के लिए खुशी और सुकून महसूस होता है. लेकिन सेहत के लिए ये बिल्कुल भी अच्छी नहीं होती है और धीरे-धीरे अपना असर दिखाती है.

चाह के भी नहीं छोड़ पा रहे मीठा, ये 5 कारण हो सकते हैं बड़ी वजह
चाह के भी नहीं छोड़ पा रहे मीठा, ये 5 कारण हो सकते हैं बड़ी वजह

ऐसे में कुछ लोग चाहते हैं तो हैं कि मीठा खाना छोड़ दें. लेकिन अपनी आदत को खत्म नहीं कर पाते हैं. अगर आप भी उन्हीं में से हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम हार्वर्ड के एक्सपर्ट से जानेंगे कि वो कौन सी वजहें हैं जिनकी वजह से हम चाह के भी मीठे से परहेज नहीं कर पाते हैं. साथ ही जानेंगे कुछ ऐसे टिप्स, जिसकी मदद से मीठे की क्रेविंग को कम कर सकते हैं.

ब्लड शुगर का क्रेश होना

हार्वर्ड ट्रेन डॉक्टर सौरभ सेठी बताते हैं कि जब आप रिफाइंड कार्ब्स और शुगर का सेवन करते हैं तो आपका ब्लड शुगर अचानक से बढ़ता और फिर अचानक से गिर जाता है. इस स्थिति में शरीर को तुरंत एनर्जी की जरूरत होती है और शरीर को मीठे की तलब होने लगती है.

ज्यादा कार्ब्स और कम प्रोटीन वाला खाना

अगर आपकी डाइट में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और प्रोटीन कम होता है, तो पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस नहीं होता. ऐसे में शरीर को जल्दी-जल्दी भूख लगती है और वह तुरंत ऊर्जा के लिए आसान ऑप्शन ढूंढता है. यही वजह है कि आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा होने लगती है, क्योंकि चीनी से तुरंत एनर्जी मिलती है.

तनाव और डोपामिन की चाह

जब आप तनाव में होते हैं या बहुत थके हुए होते हैं, तो आपका दिमाग जल्दी राहत पाने के लिए रिवार्ड ढूंढता है. ऐसे समय में चीनी सबसे आसान और तेज तरीका बन जाती है, क्योंकि यह तुरंत डोपामिन (खुशी देने वाला हार्मोन) बढ़ाती है. इससे मीठा खाने की क्रेविंग और बढ़ जाती है.

फाइबर की कमी और गट बैलेंस बिगड़ना

आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया (गट माइक्रोबायोम) भी आपकी खाने की इच्छा को प्रभावित करते हैं. अगर आपकी डाइट में फाइबर कम है, तो ये बैक्टीरिया असंतुलित हो जाते हैं और मीठा खाने की क्रेविंग ज्यादा होने लगती है. इसलिए बैलेंस और फाइबर से भरपूर भोजन जरूरी है.

नींद और पानी की कमी

अगर आप पूरी नींद नहीं लेते या शरीर में पानी की कमी रहती है, तो आपका शरीर इसे भूख समझ लेता है. ऐसे में बार-बार कुछ खाने का मन करता है, खासकर मीठा. इसलिए सही मात्रा में नींद लेना और दिनभर हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है, ताकि बिनावजह मीठे की क्रेविंग को रोका जा सके.

मीठे के क्रेविंग कैसे होगी कम?

हार्वर्ड ट्रेन एक्सपर्ट सौरभ सेठी बताते हैं कि कुछ तरीके अपनाकर आप मीठे की क्रेविंग को कम कर सकते हैं. जैसे अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर डाइट शामिल करें. दिनभर में एक भी मील को स्कीप न करें. पूरी 8 घंटे की नींद लें और दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं. स्ट्रेस कम से कम लें. सबसे जरूरी कभी भी खाली पेट मीठे का सेवन न करें.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply