बुधवार, 2 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
पवन कल्याण जन्मदिन: रीमेक फिल्मों ने बदली किस्मत​ | ब्याज दरों में फिर दिख सकता है उतार-चढ़ाव​ | ICC Test Rankings: Shubman Gill और बुमराह को नुकसान, पडिक्कल 54वें स्थान पर पहुंचे​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Automobile

ऑटो इंडस्ट्री को भी है साइबर अटैक का खतरा! मारुति सुजुकी के CEO ने किया अलर्ट​

भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से डिजिटल हो रही है. कारों और उनके निर्माण से लेकर सप्लाई चेन तक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में साइबर सिक्योरिटी भी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है. मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी टेकुची ने ऑटो इंडस्ट्री को साइबर हमलों को […]

भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से डिजिटल हो रही है. कारों और उनके निर्माण से लेकर सप्लाई चेन तक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में साइबर सिक्योरिटी भी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है. मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी टेकुची ने ऑटो इंडस्ट्री को साइबर हमलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.

टेकुची ने कहा कि हैकर्स भी लगातार अपनी तकनीक को बेहतर बना रहे हैं और हर दिन ज्यादा एडवांस हो रहे हैं. इसलिए ऑटो कंपनियों को उनसे हमेशा एक कदम आगे रहने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने यह बात ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 66वें वार्षिक सत्र में कही. उन्होंने कहा कि कंपनियां डिजिटल टेक्नोलॉजी को तेजी से अपना रही हैं, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है. कंपनियां एडवांस टेक्नोलॉजी में निवेश करके अपनी सुरक्षा मजबूत कर रही हैं, लेकिन केवल साइबर अटैक को रोकना ही काफी नहीं है.

साइबर अटैक होने पर भी तैयार रहना जरूरी

मारुति CEO ने कहा कि किसी भी कंपनी के लिए साइबर अटैक की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता. इसलिए ऑटो कंपनियों के पास एक मजबूत इमरजेंसी प्लान भी होना चाहिए. इस प्लान की मदद से साइबर हमले या किसी दूसरी बड़ी परेशानी के बाद कंपनी अपना काम जल्द से जल्द दोबारा शुरू कर सके. उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम होना चाहिए जिससे कारोबार पर पड़ने वाला असर कम से कम हो और उत्पादन ज्यादा लंबे समय तक बंद न रहे.

JLR पर साइबर अटैक ने दिखाया बड़ा खतरा

सितंबर 2025 में जगुआर लैंड रोवर पर हुए बड़े साइबर अटैक ने पूरी ऑटो इंडस्ट्री को चिंता में डाल दिया था. इस हमले के बाद कंपनी को अपने IT सिस्टम बंद करने पड़े और ब्रिटेन में उसके प्लांट्स का उत्पादन भी रोकना पड़ा. यह परेशानी करीब 6 सप्ताह तक चली. इसका असर सिर्फ कंपनी के उत्पादन पर ही नहीं पड़ा, बल्कि रिटेल, डीलर्स और सप्लायर्स पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला. JLR के तीन ब्रिटिश प्लांट मिलकर हर दिन करीब 1,000 वाहन बनाते हैं. कंपनी ने बताया कि साइबर अटैक से जुड़े खर्च की वजह से एक तिमाही में उसे करीब 196 मिलियन पाउंड का खर्च उठाना पड़ा. इस दौरान कंपनी की होलसेल बिक्री सालाना आधार पर 24 फीसदी और रिटेल बिक्री 17 फीसदी घट गई. इस घटना से यह साफ हुआ कि किसी एक ऑटो कंपनी पर हुआ साइबर हमला उसकी पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है.

Suzuki को भी झेलना पड़ा था साइबर अटैक

JLR से पहले Suzuki Motorcycle India भी मई 2023 में साइबर अटैक का सामना कर चुकी है. इस हमले के बाद कंपनी को अपने प्लांट्स में करीब एक सप्ताह तक उत्पादन रोकना पड़ा था. इससे 20,000 से ज्यादा दोपहिया वाहनों के उत्पादन का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था. कंपनी ने साइबर घटना की पुष्टि की थी और संबंधित सरकारी एजेंसियों को इसकी जानकारी दी थी. हालांकि, कंपनी ने हमले की सही प्रकृति या उसके स्रोत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी.

सप्लायर्स को मजबूत करना भी जरूरी

टेकुची ने कहा कि ऑटो इंडस्ट्री को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए चार क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. इनमें लोकलाइजेशन, कर्मचारी, मिलकर सीखना और टेक्नोलॉजी शामिल हैं. उन्होंने खास तौर पर Tier2 और Tier3 सप्लायर्स को मजबूत करने पर जोर दिया. उनका कहना है कि अगर छोटे और दूसरे स्तर के सप्लायर्स मजबूत नहीं होंगे तो पूरी ऑटो इंडस्ट्री विश्वस्तरीय क्वालिटी हासिल नहीं कर पाएगी. इन कंपनियों को टेक्नोलॉजी, क्वालिटी सिस्टम और इंजीनियरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद करने की जरूरत है. इससे भारत की पूरी ऑटो सप्लाई चेन ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बन सकेगी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY