दवा खरीदते वक्त आप भी उसके पैक पर लिखी एक्सपायरी डेट जरूर देखते होंगे, क्योंकि इस तारीख के निकलने के बाद अमूमन उस दवा को खाना सेफ नहीं माना जाता है. कई ऐसे मामले भी सामने आते हैं जब एक्सपायर हो चुकी दवा खाने के कारण गंभीर समस्या हो जाती है. जब दवा एक्सपायर हो जाती है तो न सिर्फ उसके असर में कमी आ सकती है, बल्कि जोखिम भी हो सकता है. एक्सपायर हो चुकी दवा को खाने से सेहत को खतरा इसलिए भी रहता है, क्योंकि कई बार इसकी रासायनिक प्रक्रिया में चेंज आ सकता है.

दरअसल कुछ लोग अगर किसी स्वास्थय समस्या से जूझ रहे हो तो इकट्ठी दवा ले लेते हैं ताकि बारबार चक्कर न काटने पड़ें, लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए. दरअसल दवाओं का रखरखाव कैसा है, इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसकी शेल्फ लाइफ कितनी होगी. फिलहाल जान लेते हैं कि एक्सपायरी दवा खाने से क्याक्या परेशानियां हो सकती हैं.
त्वचा में हो सकती है एलर्जी
नवजीवन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रवीन कुमार का कहना है कि एक्सपायरी डेट निकलने के बाद अगर दवा खाते हैं तो इससे कई तरह के रिएक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है. इसमें से एक है त्वचा पर एलर्जी के लक्षण दिखाई देना. जैसे इसके कारण आपके शरीर में बहुत सारे छोटेछोटे दाने हो सकते हैं. चकत्ते बन सकते हैं और त्वचा पर इरिटेशन हो सकती है.
क्या हो सकते हैं गंभीर नुकसान?
कंपनियां एक्सपायरी डेट निकलने के बाद दवाओं के असर को लेकर किसी तरह की कोई गारंटी नहीं लेती हैं, लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं होता है कि तुरंत ये जहर बन जाती है. हालांकि कई बार लक्षण गंभीर हो सकते हैं. जैसे सांस की तकलीफ होना, बेचैनी और घबरहाट.
खासकर अगर किसी को पहले से ही किसी तरह की हेल्थ प्रॉब्लम जैसे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज , हार्ट की बीमारी जैसी गंभीर समस्याएं हो तो ये खतरनाक हो सकता है, इसलिए दवा खरीदने और खाने से पहले जरूर उसका एक्सपायरी डेट चेक जरूर करना चाहिए.
गलती से एक्सपायरी दवा खा लें तो क्या करें?
अगर आप गलती से ऐसी कोई टैबलेट, सिरप या कैप्सूल खा लें और आपको तुरंत पता चल जाए तो लक्षणों का इंतजार न करें, बल्कि उसी समय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके. वहीं कोई दवा लेने के बाद असहजता, सांस लेने में तकलीफ या त्वचा पर एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हो तो भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना सही रहता है.
शेल्फ लाइफ और एक्सपायरी डेट
कई बार लोग शेल्फ लाइफ और एक्सपायरी डेट को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं. किसी भी दवा या खाने की चीज के लिए विशेष कैलेंडर तारीख होती है, जिसमें निर्माता गारंटी देते हैं कि उस डेट तक वो प्रोडक्ट या दवा खाना सुरक्षित और असरदार रहता है. शेल्फ लाइफ की बात करें तो ये किसी भी प्रोडक्ट के रखरखाव पर निर्भर करता है कि कब तक उसका असर और गुणवत्ता बनी रहेगी. जैसे कुछ दवाएं विशेष तापमान पर ही रखना सुरक्षित माना जाता है और कई बार दवा खोल देने के बाद इसके इस्तेमाल के लिए भी एक समय निर्धारित होता है.
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करना है. टीवी9 हिंदी लेख में शामिल जानकारी की पुष्टि नहीं करता. इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें और स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श करें.