अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतारचढ़ाव, पश्चिम एशिया संघर्ष के घटनाक्रम तथा कच्चे तेल के रुख के बीच आगामी सप्ताह में सोने की कीमतों में उतारचढ़ाव बना रह सकता है और यह सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है. मॉनेटरी पॉलिसी और जियो पॉलिटिकल घटनाक्रमों से भरे सप्ताह के बाद अब निवेशकों का ध्यान नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगा. इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक के आंकड़े शामिल हैं. विश्लेषकों ने कहा कि सप्ताह के अंत में जारी होने वाले अमेरिकी आवास बाजार, टिकाऊ कंज्यूमर गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट से जुड़े आंकड़ों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी. इससे मॉनिटरी पॉलिसी के सिनेरियो और सर्राफा की मांग के संकेत मिल सकेंगे.

पिछले हफ्ते करीब 1600 रुपए महंगा हुआ गोल्ड
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलिवरी वाला सोना पिछले सप्ताह 1,597 रुपए यानी 1.04 प्रतिशत चढ़कर 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं चांदी का वायदा भाव 6,629 रुपए यानी करीब तीन प्रतिशत की बढ़त के साथ 2.41 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च ऐनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स पर सोना पिछले सप्ताह 1.5 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब कमजोरी के साथ खुला था, लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी का समर्थन मिलने से यह 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि यह सुधार तेज उतारचढ़ाव के उस दौर के बाद देखने को मिला है, जब बाजार प्रमुख वृहद आर्थिक और भूराजनीतिक घटनाक्रमों के असर का आकलन कर रहे थे.
विदेशी बाजारों में भी दिखी थी तेजी
ग्लोबल मार्केट्स में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि चांदी तीन प्रतिशत की मजबूती के साथ 67.15 डॉलर प्रति औंस पर रही. जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट प्रणव मेर ने कहा कि सोना वायदा में लगातार स्थिरता बनी हुई है और कीमतें लगातार तीसरे सप्ताह मजबूत दायरे में टिकी रहीं. हालांकि, पिछले दो कारोबारी सत्रों में निचले स्तर पर कुछ लिवाली देखी गई, जिससे सप्ताह का समापन बढ़त के साथ हुआ.