Durga Puja Ban: पश्चिम में दुर्गा पूजा को लेकर मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार ने कम बजट में पूजा आयोजित करने वाली समितियों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। इसके तहत पात्र पूजा समितियों को एकएक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही पूजा के दौरान समितियों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद उन पूजा समितियों की मदद करना है, जिनके लिए सीमित संसाधनों में दुर्गा पूजा का आयोजन करना मुश्किल होता है। वहीं, आर्थिक रूप से सक्षम और बड़े बजट वाली पूजा समितियों से उन्होंने स्वेच्छा से सरकारी सहायता छोड़ने की अपील की है।
महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर रोक
दुर्गा पूजा के दौरान सरकार ने महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रखने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अष्टमी के दिन राज्य में की दुकानें और बार बंद रहेंगे। यानी इस दिन शराब की बिक्री नहीं की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने धार्मिक भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब लोग महाअष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा और पुष्पांजलि में शामिल होते हैं, उस दिन शराब की बिक्री पर रोक रहेगी।
पूजा पंडाल और थीम को लेकर भी अपील
शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों से पंडाल, प्रतिमा, थीम और सजावट को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रयोग नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों या राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत प्रभावित हो। उन्होंने पूजा आयोजकों से अपील की कि रचनात्मकता के साथसाथ धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का भी सम्मान किया जाए।
विसर्जन जुलूस में DJ की अनुमति नहीं
मुख्यमंत्री ने दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान DJ बजाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने पूजा समितियों से तय समयसीमा का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि 25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा है। इसलिए सभी समितियां इससे एक दिन पहले तक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा कर लें।
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बड़ी समितियों से मदद छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छी दुर्गा पूजा आयोजित करने में कम से कम 10 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। ऐसे में बड़ी और आर्थिक रूप से मजबूत समितियों को विज्ञापन और दूसरे माध्यमों से अपने आयोजन का खर्च जुटाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि सक्षम समितियों पर सरकारी मदद छोड़ने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य उन छोटी और कम बजट वाली समितियों तक सहायता पहुंचाना है, जिन्हें पूजा आयोजित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद की जरूरत पड़ती है। इस तरह दुर्गा पूजा से पहले सरकार ने आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, महाअष्टमी पर शराबबंदी और विसर्जन को लेकर नियमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं।
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