सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीजेपी और उत्तर प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने बीजेपी की 50 नाकामियां गिनाते हुए कहा कि अब इन्हें कोई सुन नहीं रहा. इनकी झूठी बातों पर जनता भरोसा नहीं कर रही. उन्होंने बिना नाम लिए बीजेपी पर राम मंदिर में चोरी कराने और दुखी मां का अपमान करने का आरोप लगाया. कहां कि इन लोगों ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे तक हटवाएं हैं.

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पूज्य शंकराचार्य प्रहार कराया, उनके ऊपर आरोप लगाए. अब संविधान का विरोध करने के लिए बाबा साहेब की मूर्तियों तक को तोड़ रहे हैं. यही नहीं, अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नाइंसाफी की हदें पार कर दी. हाथरस की बेटी के साथ अंतिम संस्कार तक का न्याय नहीं कर पाए. इसी क्रम में उन्होंने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें हाता नहीं भाता.
गिनाईं नाकामियां
अखिलेश यादव ने कहा कि ये वो लोग हैं, जिन्होंने एक युवा विधवा को जेल में तड़पाया हो, प्राध्यापक, पत्रकार व ईमानदार अधिकारी तक को अभद्र शब्दों से संबोधित किया हो, कॉरिडोर, पुल, एक्सप्रेसवे, मंदिर, पानी की टंकी के नाम पर घोटाले किए हों, अपने सत्ता सजातीयों को हर अपराध के बाद बचाते हों. यही नहीं, ये लोग जनता के टैक्स के 2.5 करोड़ रुपये हर दिन अपनी नक़ली छवि बनाने पर लुटा रहे हैं.
विरोधियों के एनकाउंटर का आरोप
अखिलेश यादव ने विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगवाने, विरोधियों का फ़ेक एनकाउंटर कराने, बुलडोज़र से लोगों के घर गिराने, स्कूलों को बंद कराने का भी आरोप लगाया. कहा कि इनके अपने ही इनकी कुर्सी खींचने में लगे हैं. इनके विधायक इनके विरोध में है. यहां तक कि अपनी पार्टी के प्रधान से ही इनका संघर्ष चल रहा है. उन्होंने भ्रष्टाचार के पैसों से सोने की सिल्ली ढलवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी कमीशनख़ोरी की वजह से कमरतोड़ महंगाई हो गई है. खानापीना, दवाईइलाज, पढ़ाई सब महंगा कर दिया है.
मंत्री तक को नहीं मिल रहा न्याय
अखिलेश यादव ने कहा कि इनकी प्रशासनिक अज्ञानता और अक्षमता का लाभ अधिकारी उठा रहे हैं. आलम यह है कि इनके मंत्री तक को न्याय के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा. लोग बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. किसानोंमज़दूरों को उनकी फसलमेहनत का सही दाम नहीं मिल रहा. ये अपने प्रदेश के व्यापारकारोबार को दूसरे राज्यों के ठेकेदारों को नीलाम कर रहे हैं.
आरक्षण खत्म करने का आरोप
उन्होंने कहा कि ये लोग कोर्ट में नौकरीभर्ती फंसाकर, लेटरल एंट्री, संविदा, नॉट फाउंड सूटेबल के माध्यम से आरक्षण को मार रहे हैं. इन्होंने प्रतिभावान, हुनरमंदों को मिलने वाली यश भारती जैसे सम्मान और सम्मान राशि बंद कर दी. सरकारी संपत्तियां बेच रहे हैं. इनके शासनकाल महिला अपराध व हिंसा में प्रदेश नंबर वन हो गया. इनके समय में हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बन रहा है. इनके समय में माफ़िया नहीं, बल्कि क़ानूनव्यवस्था ही प्रदेश छोड़कर भाग गई है.