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Viral Video: कॉपी लिखने के इन आसान तरीकों से बढ़ेंगे आपके बोर्ड एग्जाम के नंबर, टीचर ने बताया टॉपर बनने का सीक्रेट

बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आते ही छात्रों के बीच एक नई बहस शुरू हो जाती है.कुछ विद्यार्थी 95 से 100 प्रतिशत तक अंक लाकर टॉप करते हैं, जबकि कई छात्रों के नंबर अपेक्षा से काफी कम रह जाते हैं.ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों होता है.हाल ही में एक शिक्षक ने इस रहस्य से पर्दा उठाया और बताया कि टॉपर छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका को किस तरह लिखते हैं, जिससे उन्हें अधिक अंक मिलते हैं.

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शिक्षक ने कॉपियां जांचते समय कुछ टॉपर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की झलक शेयर की और बताया कि सफलता केवल अच्छे ज्ञान पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि उत्तर लिखने के तरीके पर भी काफी हद तक निर्भर करती है.उन्होंने कहा कि कुछ सरल लेकिन प्रभावी आदतें अपनाकर कोई भी छात्र अपने अंकों में बड़ा सुधार कर सकता है. सबसे पहले उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया कि हर नए प्रश्न का उत्तर नए पेज से शुरू करना चाहिए. टॉपर छात्र इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं.जब उत्तर एक नए पेज से शुरू होता है, तो पूरी कॉपी साफ दिखाई देती है. इसके विपरीत, अगर छात्र पिछले पन्ने के नीचे छोटी जगह में ही नया उत्तर शुरू कर देते हैं, तो कॉपी अव्यवस्थित लगती है और शिक्षक को पढ़ने में कठिनाई होती है.ऐसी स्थिति में अक्सर अंक कटने की संभावना बढ़ जाती है.

क्या करना चाहिए कॉपी में?

इसके अलावा, साफ और सुंदर लिखावट का भी बहुत महत्व है. टॉपर छात्रों की हैंडराइटिंग स्पष्ट और पढ़ने में आसान होती है. हर शब्द साफ दिखाई देता है, न तो बहुत छोटा लिखा होता है और न ही तिरछा.शिक्षक ने बताया कि जब कॉपी साफ-सुथरी होती है, तो उसे पढ़ना आसान हो जाता है और इससे परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.यही वजह है कि अच्छी लिखावट Indirectly रूप से बेहतर अंक दिलाने में मदद करती है. शिक्षक ने एक टॉपर की कॉपी का उदाहरण देते हुए बताया कि उस छात्र ने हर उत्तर को व्यवस्थित ढंग से लिखा था. उसने हर सवाल को अलग पेज से शुरू किया, उत्तरों को बिंदुओं में विभाजित किया और कहीं भी अनावश्यक खाली जगह नहीं छोड़ी.इस तरह की प्रस्तुति से परीक्षक को उत्तर समझने में आसानी होती है और अंक काटने का कोई कारण नहीं मिलता.

उन्होंने यह भी बताया कि केवल लंबा उत्तर लिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से प्रस्तुत करना भी जरूरी है. यदि उत्तर को हेडिंग, सब-हेडिंग और पॉइंट्स में बांटकर लिखा जाए, तो वह अधिक प्रभावी बन जाता है. इससे कॉपी देखने में आकर्षक लगती है और परीक्षक को मेन प्वाइंट तुरंत समझ में आ जाते हैं. एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आंसर शीट में कटिंग और ओवरराइटिंग से बचना चाहिए. बार-बार काटने या गंदा लिखने से कॉपी की क्वालिटी खराब होती है. टॉपर छात्र अपनी कॉपी को साफ रखने की पूरी कोशिश करते हैं और यदि गलती हो भी जाए तो उसे सही तरीके से सुधारते हैं.

शिक्षक ने यह भी बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को एक दिन में बहुत बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाएं जांचनी होती हैं.ऐसे में वे हर कॉपी को बहुत ज्यादा समय नहीं दे पाते.इसलिए यदि किसी छात्र की कॉपी साफ, सुव्यवस्थित और आसानी से पढ़ी जा सकने वाली होती है, तो परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और वह उदारता से अंक देने की ओर झुकता है.वहीं, अगर कॉपी बिखरी हुई, गंदी या पढ़ने में कठिन हो, तो परीक्षक का ध्यान भटकता है और अंक कम मिल सकते हैं.

यहां देखिए वीडियो

khabarmonkey@gmail.com

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