प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट परीक्षा व्यवस्था में एक बेहद बड़ा और नीतिगत बदलाव किया है। बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज से मिली जानकारी के अनुसार, काउंसिल ने परीक्षा सुधार नियमों को और अधिक पारदर्शी और कड़ा बनाने के लिए नए प्रावधानों को मंजूरी दे दी है। यह नई कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट व्यवस्था सत्र 2026 से पूरी तरह प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।

फेल छात्रों को नहीं मिलेगा इंप्रूवमेंट का मौका
नए नियमों के मुताबिक, अब यदि कोई छात्र किसी एक भी विषय में फेल होता है, तो वह ‘इंप्रूवमेंट परीक्षा’ (अंक सुधार परीक्षा) में शामिल होने के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। हाईस्कूल (10वीं) में केवल वही छात्र इंप्रूवमेंट परीक्षा का फॉर्म भर सकेंगे, जो सभी विषयों में पूरी तरह पास हैं और किसी एक विषय में केवल अपने नंबरों को बढ़ाना (अंक सुधार करना) चाहते हैं।
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एक विषय में फेल होने पर कंपार्टमेंट का विकल्प
बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई छात्र किसी एक विषय में फेल हो जाता है, तो उसे केवल ‘कंपार्टमेंट परीक्षा’ (Compartment Exam) देने का ही मौका मिलेगा, इंप्रूवमेंट का नहीं। यह नए प्रावधान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही स्तर की बोर्ड परीक्षाओं पर समान रूप से लागू होंगे। इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ाना और छात्रों को सभी विषयों में समान रूप से मेहनत करने के लिए प्रेरित करना है। इस घोषणा के बाद स्कूलों और छात्रों को अब नए नियमों के आधार पर ही आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी।




