उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में खनन माफियाओं ने बीते सोमवार को नायब तहसीलदार और दो लेखपालों पर हमला कर दिया था. इस घटना के बाद शासन के सख्त रुख को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. बुधवार सुबह पुलिस की अलगअलग टीमों ने दो स्थानों पर कार्रवाई की. इस दौरान बदमाशों के साथ दो मुठभेड़ हुईं, जिनमें दो भाइयों समेत तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी. पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से पिस्टल, तमंचे, कार और डंपर समेत कई वाहन बरामद किए गए हैं.

पुलिस के मुताबिक, पहली मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 5 बजे कोतवाली नगर क्षेत्र के खैचला में हुई. यहां पुलिस टीम ने राहुल सिंह, नौशाद और मनोज सिंह को गिरफ्तार किया. इस दौरान राहुल सिंह के पैर में गोली लगी. पुलिस ने बताया कि राहुल सिंह अमिलिया कला, थाना कोतवाली नगर का रहने वाला है. नौशाद प्रतापपुर, थाना बंधुआकला और मनोज सिंह रवनिया, थाना करौंदीकला का निवासी है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, राहुल सिंह के खिलाफ सुल्तानपुर जिले के अलगअलग थानों में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने इन आरोपियों के पास से अवैध मिट्टी खनन में इस्तेमाल होने वाले चार डंपर भी बरामद किए हैं.
अखंडनगर में दूसरी मुठभेड़, दो भाइयों को लगी गोली
दूसरी मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे अखंडनगर थाना क्षेत्र में हुई. पुलिस के मुताबिक, यहां दो वांछित आरोपियों ने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की. इस दौरान हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लग गई. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
घायल आरोपियों की पहचान संदीप सिंह और प्रशांत सिंह के रूप में हुई है. संदीप सिंह अमिलिया कला, थाना कोतवाली नगर का रहने वाला है, जबकि प्रशांत सिंह नकहा महमूदपुर, थाना गोसाईगंज का निवासी है. पुलिस के अनुसार, दोनों कोतवाली नगर क्षेत्र में खनन और राजस्व टीम पर हुए हमले के मामले में वांछित थे.
थार कार और अवैध हथियार बरामद
दूसरी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक तमंचा और .12 बोर का एक देशी तमंचा बरामद किया. इसके अलावा दोनों बोर के एकएक जिंदा कारतूस और एकएक खोखा कारतूस भी मिला है. पुलिस को घटनास्थल से बिना नंबर प्लेट की काली थार कार भी मिली है, जिसका इस्तेमाल वारदात में किए जाने की बात सामने आई है.
पुलिस के मुताबिक, संदीप सिंह के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं. दोनों मुठभेड़ों में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.