उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हैं. वहीं भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव का असर इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान जानवर पर पड़ रहा है. मुरादाबाद- बरेली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और स्थिति भट्ठी जैसी बनी हुई है. ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार को देखते हुए पशुपालकों ने कुर्बानी के लिए विशेष रूप से बकरे तैयार किए हैं, लेकिन इस जानलेवा गर्मी के कारण स्वस्थ बकरे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं.

पशुओं में डिहाइड्रेशन, तेज बुखार और हीट स्ट्रोक के लक्षण देखे जा रहे हैं, जिसके चलते पशु चिकित्सालयों में बीमार जानवरों की कतारें लग गई हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कुर्बानी से पहले बकरों की जान बचाने के लिए उन्हें ड्रिप (ग्लूकोज) चढ़ानी पड़ रही है. इस संकट के बीच, जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है.
Khabar Monkey
दरअसल, पशुपालकों द्वारा बकरा ईद के लिए तैयार किए गए कीमती और पसंदीदा मवेशियों को बचाने के लिए पशु चिकित्सालयों के चक्कर काट रहे हैं. त्योहार के ठीक पहले आई इस प्राकृतिक आपदा ने व्यापारियों और पशुपालकों की चिंता को दोगुना कर दिया है. क्योंकि बीमार पशुओं की देखरेख और उनके इलाज पर अब अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. विभाग द्वारा विशेष टीमें गठित की गई हैं ताकि समय रहते इलाज मिल सके है.
गर्मी ने बढ़ाई पशुपालकों की परेशानी
मुरादाबाद के पशु चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि अस्पताल में रोजाना लगभग 15 से 20 बीमार बकरे इलाज के लिए लाए जा रहे हैं. इनमें से अधिकांश पशु भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक की चपेट में आए हैं. डॉक्टरों के अनुसार, हीट वेव के कारण बकरों में मुख्य रूप से जुकाम, तेज बुखार और निमोनिया के गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं. चिकित्सालय में आने वाले इन सभी बीमार पशुओं को तत्काल आवश्यक इलाज और थेरेपी दी जा रही है.
बरेली में इन दिनों भीषण गर्मी का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि जानवरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है.बकरीद नजदीक आते ही जिले के पशु चिकित्सालयों में बीमार बकरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है. जिले के 34 सरकारी पशु चिकित्सालयों में रोजाना करीब 350 बकरे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा शिकायत बुखार, दस्त, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम और कमजोरी की सामने आ रही है.
बरेली में बीमार पड़े बकरे
बरेली के श्यामगंज पशु चिकित्सालय में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र ने बताया कि तेज गर्मी और हीटवेव के कारण बकरे बीमार हो रहे हैं. बकरीद के चलते पशुपालक बकरों को साफ-सुथरा रखने के लिए बार-बार नहला रहे हैं. इसके अलावा कई लोग उन्हें पैदल लेकर लंबी दूरी तय कर रहे हैं, जिससे बकरे हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं. डॉ. नरेंद्र के मुताबिक कई बकरों में तेज बुखार पाया जा रहा है. कुछ बकरों का तापमान 106 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. अस्पताल में इलाज और दवाओं की पूरी व्यवस्था है. पशुपालकों को सलाह दी जा रही है कि वे बकरों को तेज धूप में न घुमाएं और गर्मी से बचाकर रखें.
पशुपालकों को डॉक्टर ने दी ये सलाह
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है. बकरों को खुली और हवादार जगह पर रखें. उन्हें साफ पानी और संतुलित खाना दें. तेज धूप से लाने के तुरंत बाद न नहलाएं. साथ ही गर्मी में ज्यादा देर तक पैदल न चलाएं. दोपहर की तेज धूप में उन्हें नहलाने से बिल्कुल परहेज करें और इस संवेदनशील समय में उनके खान-पान व रहन-सहन में अचानक कोई बड़ा बदलाव न करें. बकरीद से पहले बकरों की बढ़ती बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि पशु चिकित्सालयों में इलाज और दवाओं की व्यवस्था होने से लोगों को राहत मिल रही है.
कई टीमों का गठन किया गया
मुरादाबाद जिले के मुख्य पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. सुनील दत्त प्रजापति ने बताया कि गर्मी से होने वाले डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रतिदिन तीन गांवों में विशेष जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां पशुपालकों को पानी पिलाने और धूप से बचाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त, विभाग की टोल-फ्री ‘1962’ मोबाइल एम्बुलेंस सेवा भी पूरी तरह सक्रिय है, जिसके जरिए पशुपालक घर बैठे ही अपने बीमार पशुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क आपातकालीन इलाज प्राप्त कर सकते हैं.
इनपुट- शारिक सिद्दीकी, मनवीर सिंह





