बीजेपी में दम घुटने की बात कहकर अलग हुए आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप को नया ठिकाना मिल गया है. बेटी कीर्ति संग उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की. बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलबाजी का दौर जारी था, लेकिन रविवार को सामने आई तस्वीरों ने इस अटकलबाजी पर विराम लगा दिया है. अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद बरेली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप पहले ही अपनी बेटी को 2027 के विधानसभा चुनाव में उतारने की बात कह चुके हैं. अब अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. भाजपा छोड़ने से पहले धर्मेंद्र कश्यप ने TV9 भारतवर्ष से बातचीत की थी. इसमें उन्होंने पार्टी और प्रदेश सरकार को लेकर कई सवाल उठाए थे. उन्होंने संगठन के भीतर अपने साथ हुए व्यवहार, 2024 के लोकसभा चुनाव, बेरोजगारी, पेपर लीक और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
बिथरी चैनपुर सीट पर नजर
रविवार को धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी कीर्ति कश्यप के साथ अखिलेश यादव से मिले. इस दौरान बरेली के सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, वरिष्ठ सपा नेता वीरपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार भी मौजूद रहे. सपा नेताओं की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को जिले की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. धर्मेंद्र कश्यप पहले ही कह चुके हैं कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव खुद नहीं लड़ेंगे, बल्कि अपनी बेटी को चुनाव लड़ाएंगे. उनकी इच्छा बेटी कीर्ति कश्यप को बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारने की है.
सपा की ओर से ऐलान होना बाकी
अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, कीर्ति कश्यप की उम्मीदवारी को लेकर सपा की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए बरेली से दो नेताओं को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद धर्मेंद्र कश्यप की नाराजगी सामने आई थी. इसके बाद उन्होंने भाजपा से दूरी बनाने का ऐलान किया था. कहा था कि जब पार्टी में उनके साथ वाले ही नुकसान पहुंचाने लगें तो परेशानी होती है.
बुलडोजर एक्शन पर उठाए थे सवाल
धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा छोड़ते समय ना केवल संगठन पर, बल्कि प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे. कानूनव्यवस्था को लेकर उन्होंने दोहरी व्यवस्था का आरोप लगाया. उनका कहना था कि जाति के आधार पर अलगअलग व्यवहार नहीं होना चाहिए. बुलडोजर कार्रवाई पर कहा था कि भय दिखाकर लोगों के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए. इसी प्रकार उन्होंने एनकाउंटर की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया था.