उत्तर प्रदेश के भदोही से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां प्रसव पीड़ित महिला सरकारी अस्पताल पहुंची तो उसे भर्ती करने की जगह वापस भेज दिया गया. और फिर बाहर निकलते ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया. अस्पताल के बाहर बच्चे के पैदा होने की घटना पर कांग्रेस ने सत्तारुढ़ बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये घटना सबूत है कि BJP सरकार में दलितोंआदिवासियों के साथ कैसा अमानवीय सुलूक किया जाता है.

‘तुम मुसहर हो… नहीं कराएंगे डिलिवरी’
कांग्रेस ने भदोही में अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म देती महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए कहा, “मुसहर हो… नहीं कराएंगे डिलिवरी. ये बात उस प्रेग्नेंट महिला से कही गई, जो डिलिवरी के लिए यूपी के एक सरकारी अस्पताल पहुंची थी.”
‘मुसहर हो… नहीं कराएंगे डिलिवरी’
– ये बात उस प्रेग्नेंट महिला से कही गई, जो डिलिवरी के लिए यूपी के एक सरकारी अस्पताल पहुंची थी।
जब अस्पताल ने महिला को एडमिट करने से मना कर दिया, तो मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
ये घटना सबूत है कि BJP सरकार में pic.twitter.com/DYVW1jKGSs
— Congress October 1, 2026
“जब अस्पताल ने महिला को अपने यहां भर्ती करने से मना कर दिया, तो मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. ये घटना सबूत है कि BJP सरकार में दलितोंआदिवासियों के साथ किस तरह का अमानवीय सुलूक किया जाता है. मानवता को शर्मसार करती ऐसी घटनाएं BJP सरकार की पहचान बन चुकी हैं, लेकिन मोदीयोगी को अपनी फर्जी डींगें हांकने से फुर्सत कहां है.”
विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग की सफाई
इससे पहले पीड़ित महिला ने आरोप लगाया तो स्वास्थ्य विभाग ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चे की हीमोग्लोबिन करीब 5 ग्राम होने की वजह से उसे मिर्जापुर और फिर वाराणसी BHU रेफर किया गया था हालांकि इस बाबत लापरवाही की जांच की जा रही है. मामला सही पाने जाने कार्रवाई की बात कही है.
मामला ज्ञानपुर के महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल का है. यहां बीती रात एक गर्भवती पीड़ित महिला इलाज कराने सरकारी अस्पताल गई, लेकिन उसे भर्ती कर इलाज देने की जगह बाहर कर दिया गया. जोरई निवासी 20 वर्षीय रानी ने बताया कि हम लोग प्रसव के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे लेकिन अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया गया और इसके बाद अस्पताल से बाहर निकलने के दौरान ही सड़क पर बच्चा हो गया.
लापरवाही सामने आई तो होगी कार्रवाईः CMO, भदोही
अस्पताल की लापरवाही का यह बड़ा मामला जंगल तेजी से हर ओर फैल गया. महिला की ओर से अस्पताल के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद नींद से जागी स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है. इस पूरे मामले पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने कहा कि जानकारी करने पर पता चला है कि महिला की जांच में हीमोग्लोबिन करीब 5 ग्राम पाया गया था और उसकी खराब हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मिर्जापुर और फिर वाराणसी BHU रेफर किया गया था.
डॉक्टर चक के मुताबिक पीड़ित परिवार 102 एंबुलेंस सेवा से संपर्क नहीं कर सका, इसीलिए यह बात हुई है, वैसे भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी.