
विदेशी परिस्थितियों में सफल होने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और सही तैयारी भी उतनी ही जरूरी होती है। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने अब एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिससे पता चलता है कि विराट कोहली ने इंग्लैंड में अपनी बल्लेबाजी सुधारने के लिए कितनी कठिन मेहनत की थी। यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है, जब भारतीय टीम का मौजूदा इंग्लैंड दौरा टी20 प्रारूप में बेहद निराशाजनक रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत को पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 श्रृंखला में 02 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड ने भी पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में शुरुआती चार मुकाबलों में से तीन जीतकर 30 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। ब्रिस्टल में खेले गए चौथे मुकाबले में भारत को नौ विकेट से हार झेलनी पड़ी। अब टीम की निगाहें आगामी तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला पर हैं, जिसकी शुरुआत बर्मिंघम में होगी। इस श्रृंखला में अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा की वापसी होगी, जबकि टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में रहेगी।
दूरदर्शन के कार्यक्रम द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो में बातचीत के दौरान संजय बांगर ने बताया कि 2014 के इंग्लैंड दौरे में विराट कोहली का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। उस असफलता के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर गंभीरता से काम करने का फैसला किया। बांगर के अनुसार, इंग्लैंड में सफल होने के लिए सबसे जरूरी बात स्विंग होती गेंद का सही तरीके से सामना करना और गेंद को शरीर के करीब आने तक इंतजार करके खेलना होता है।
उन्होंने बताया कि 201718 के इंग्लैंड दौरे से पहले विराट कोहली ने इसी कमजोरी को दूर करने के लिए बेहद कठिन अभ्यास किया। टीम का अभ्यास कार्यक्रम भी सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग रखा गया। खिलाड़ी सुबह 6 बजे या 6:30 बजे ही मुंबई के मैदान पर पहुंच जाते थे, ताकि सुबह की नमी और ठंडे माहौल का फायदा उठाकर इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में अभ्यास किया जा सके।
बता दें कि केवल सुबह जल्दी अभ्यास करना ही इस तैयारी का हिस्सा नहीं था। संजय बांगर ने बताया कि जब धूप निकलने लगती और पिच की नमी कम होने लगती, तब अभ्यास को और कठिन बनाने के लिए कोचिंग स्टाफ पिच पर अतिरिक्त पानी डाल देता था। इसका उद्देश्य यही था कि गेंद लगातार स्विंग करे और बल्लेबाजों को वास्तविक विदेशी परिस्थितियों जैसा अनुभव मिले।
संजय बांगर के अनुसार, विराट कोहली ने इस कठिन अभ्यास को कई बार दोहराया और कभी भी मेहनत से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि विराट का लक्ष्य अपनी तकनीक को इतना मजबूत बनाना था कि इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी वह आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी कर सकें।
गौरतलब है कि इस तैयारी का असर बाद के इंग्लैंड दौरे में साफ दिखाई दिया। बांगर ने कहा कि केवल विराट कोहली ही नहीं, बल्कि टीम के तीनचार प्रमुख बल्लेबाजों ने भी इसी तरह के अभ्यास का लाभ उठाया। यही वजह रही कि भारतीय टीम ने इंग्लैंड में कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और जीत भी दर्ज की।
वहीं मौजूदा टी20 श्रृंखला में भारतीय युवा बल्लेबाज सीम और स्विंग वाली पिचों पर संघर्ष करते नजर आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में सफल होने के लिए तकनीकी सुधार के साथ मानसिक तैयारी भी उतनी ही आवश्यक होती है। यही कारण है कि आगामी एकदिवसीय श्रृंखला में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से टीम को काफी उम्मीदें रहेंगी।
अब भारतीय टीम टी20 श्रृंखला की निराशा को पीछे छोड़कर एकदिवसीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर विशेष रूप से विराट कोहली पर रहेगी, क्योंकि उन्होंने पहले भी इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी मेहनत और तकनीक के दम पर शानदार वापसी की है। ऐसे में एक बार फिर उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है, जिससे भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ इस दौरे का समापन कर सके।