Swiggy Share Price: शेयर बाजार में आज यानी 23 अक्टूबर को फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी के निवेशकों को बड़ा झटका लगा है. बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों में इतनी तेज बिकवाली हुई . 12 बजे के करीब कंपनी के शेयर BSE पर करीब 15% गिरकर ₹179.65 पर आ गए. इस गिरावट से कंपनी की मार्केट वैल्यू एक ही दिन में करीब ₹9,000 करोड़ घट गई. शेयर में आई इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह वित्त वर्ष 202627 की सितंबर तिमाही के नतीजे हैं. कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है. खासकर इंस्टामार्ट चलाने वाली इस कंपनी को अपने क्विककॉमर्स कारोबार में काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. इसी हफ्ते प्रतिद्वंद्वी कंपनी ‘इटरनल’ के नतीजे आने के बाद पूरे बाजार की नजरें इस सेक्टर के मुनाफे पर टिकी थीं. लेकिन स्विगी के कमजोर आंकड़ों ने सबको निराश कर दिया.

उम्मीद से खराब रहे घाटे के आंकड़े
स्विगी के दूसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ने अपना घाटा कम करने की कोशिश जरूर की है, लेकिन ये बाजार के अनुमान से काफी पीछे है. इस तिमाही में कंपनी का नेट घाटा 1,092 करोड़ रुपए से घटकर 922 करोड़ रुपए पर आ गया है. इसी तरह EBITDA घाटा भी 798 करोड़ रुपए से कम होकर 770 करोड़ रुपए रहा है. अच्छी बात ये रही कि सालाना आधार पर कंपनी की कुल आय 5,561 करोड़ रुपए से बढ़कर 7,571 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है. अगर फूड डिलीवरी बिजनेस की बात करें तो इसकी ग्रोथ 17.2 फीसदी रही है, जबकि बाजार को 19 फीसदी ग्रोथ का अनुमान था. फूड डिलीवरी का मार्जिन 3.4 फीसदी रहा है. वहीं क्विककॉमर्स की नेट ऑर्डर वैल्यू 33.3 फीसदी दर्ज की गई है.
ग्रोथ पर कंपनी का है ये प्लान
कमजोर नतीजों के बावजूद कंपनी के मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी गाइडेंस जारी की है. मैनेजमेंट का कहना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में 18 से 20 फीसदी की ग्रोथ का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा. इस सेगमेंट में एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी 5 फीसदी तक पहुंचना संभव है. कंपनी के मुताबिक क्विककॉमर्स का कंट्रीब्यूशन मार्जिन 0 से 100 बेसिस पॉइंट्स की रेंज में रहेगा. इसके अलावा तीसरी तिमाही के मध्य से IOCC ट्रांजिशन शुरू हो जाएगा. इस कदम से कंपनी के मार्जिन को 80 बेसिस पॉइंट्स का सीधा सपोर्ट मिलेगा.
ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टारगेट प्राइस
तिमाही नतीजों के बाद तमाम बड़े ब्रोकरेज हाउस ने स्विगी के क्विककॉमर्स कामकाज के मुनाफे को लेकर चिंता जताई है. इसका सीधा असर आज शेयर की कीमतों पर दिख रहा है. ब्रोकरेज फर्म HSBC ने स्विगी पर ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस 315 रुपए से घटाकर 240 रुपए प्रति शेयर कर दिया है. HSBC का मानना है कि दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार तो होगा, लेकिन लंबी अवधि की ग्रोथ गाइडेंस पर भरोसा कम है. इंस्टामार्ट की ग्रोथ में सुस्ती के साथ फूड डिलीवरी में घटता मार्केट शेयर चिंता की बात है. बाजार में बढ़ते कंपिटीशन का दबाव भी साफ दिख रहा है.
वहीं ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है, लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर 330 रुपए कर दिया है. Jefferies के मुताबिक क्विककॉमर्स का एडजस्टेड EBITDA घाटा बढ़कर करीब 900 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो तीन तिमाहियों के सबसे ऊंचे स्तर पर है. इटरनल के मुकाबले कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा है. शेयर की सही वैल्यू अनलॉक करने के लिए क्विककॉमर्स का घाटा कम करना बेहद जरूरी है.
इसके अलावा Citi ने भी ‘Buy’ रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस को 390 रुपए से घटाकर 330 रुपए कर दिया है. Citi का कहना है कि कंपनी स्थिर ग्रोथ के लिए नए रास्ते तलाश रही है. दूसरी तरफ BofA ने स्विगी पर ‘Neutral’ रेटिंग देते हुए अपना लक्ष्य 275 रुपए से घटाकर 245 रुपए कर दिया है. BofA ने भी क्विककॉमर्स की कमजोर ग्रोथ के साथ बढ़ते घाटे पर चिंता जाहिर की है.