PM CARES Scholarship: PM CARES for Children Scheme के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अगर आपके बच्चे को भी पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत छात्रवृत्ति मिलती है, तो ये खबर आपके लिए है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने राजपत्र में के तहत छात्रवृत्ति के लिए आधार प्रमाणीकरण के नए नियम जारी किए हैं। आइए जानते हैं क्या हैं नियम?

कब हुआ नियम लागू?
केंद्र सरकार ने ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ योजना के तहत छात्रवृत्ति और अन्य लाभों के लिए आधार कार्ड प्रमाणीकरण अनिवार्य करने का नया नियम 14 अक्टूबर 2026 को लागू किया।
केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार, यदि किसी बच्चे के पास आधार कार्ड नहीं है या आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है, तो भी पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति या अन्य लाभ नहीं रुकेंगे
नियमों में क्या हुए बदलाव?
यदि किसी पात्र बच्चे के पास आधार कार्ड नहीं है या आधार प्रमाणीकरण या पहचान का सत्यापन फेल हो जाता है, तो पात्र बच्चे को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। उसकी छात्रवृत्ति नहीं रोकी जाएगी।
2. आधार न होने की स्थिति में, वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों और तय सत्यापन प्रक्रियाओं के जरिए छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा।
3. छात्रवृत्ति उन बच्चों को दी जाती है जिन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई के दौरान कोरोना महामारी या अन्य कारणों से अपने मातापिता या कानूनी अभिभावक को खो दिया है ।
आधार के बिना कैसे मिलेगा लाभ?
अगर किसी बच्चे के पास आधार कार्ड नहीं है। तो नए नियमानुसार, उस बच्चे को आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। फिर आधार कार्ड के लिए आवेदन की पर्ची या नामांकन अनुरोध का उपयोग पहचान के रूप में किया जा सकता है।
बच्चो के पहचान और उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट या मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड की 10वीं अथवा 12वीं की मार्कशीट या प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी पहचान पत्र के रुप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
18 से ज्यादा उम्र के युवा कैसे लें सकते हैं लाभ?
यदि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के किसी लाभार्थी का आधार कार्ड नहीं बना है, तो उसे आधार नामांकन संख्या वाली पावती प्रस्तुत करनी होगी। नामांकन पावती के साथ किसी एक वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान दस्तावेज का होना अनिवार्य है, जैसे मतदाता पहचान पत्र ,राशन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, कक्षा 10 या कक्षा 12 का प्रमाण पत्र या अंकसूची, निर्दिष्ट जाति या निवास प्रमाण पत्र जैसे पहचान पत्र जमा करना होगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन फेल तो क्या करें?
यदि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किसी कारणवश सफल नहीं होता है, तो सुविधानुसार अन्य बायोमेट्रिक विकल्प या वनटाइम पिन आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा दी जाती है।
अगर OTP और बायोमेट्रिक दोनों के जरिए सत्यापन न किया जा सके, तो क्यूआर कोड या आधार पेपरलेस ऑफलाइन ईकेवाईसी दस्तावेज के जरिए प्रमाणीकरण की जांच की जा सकती है। इसके लिए UIDAI के डिजिटल हस्ताक्षर का ऑफलाइन सत्यापन किया जाएगा।