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SCSS vs MIS: एक ही निवेश, लेकिन रिटर्न में बड़ा फर्क! जानिए कहां लगाएं 5 लाख रुपये​

अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस और सरकार की बचत योजनाएं बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं. इनमें सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल हैं. दोनों ही स्कीम सरकार समर्थित हैं और निश्चित ब्याज देती हैं, लेकिन ब्याज दर, निवेश […]

अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस और सरकार की बचत योजनाएं बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं. इनमें सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल हैं. दोनों ही स्कीम सरकार समर्थित हैं और निश्चित ब्याज देती हैं, लेकिन ब्याज दर, निवेश सीमा, भुगतान के तरीके और टैक्स लाभ के मामले में इनमें काफी अंतर है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आपके पास निवेश के लिए 5 लाख रुपये हैं, तो किस स्कीम में ज्यादा फायदा मिलेगा?

SCSS में मिल रहा है ज्यादा ब्याज

जुलाईसितंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने SCSS पर 8.2 फीसदी सालाना और पोस्ट ऑफिस MIS पर 7.4 फीसदी सालाना ब्याज दर तय की है. सरकार हर तिमाही इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए भविष्य में इनमें बदलाव हो सकता है.

अगर कोई निवेशक 5 लाख रुपये SCSS में निवेश करता है, तो उसे सालाना करीब 41,000 रुपये ब्याज मिलेगा. वहीं, इसी राशि को पोस्ट ऑफिस MIS में निवेश करने पर करीब 37,000 रुपये सालाना ब्याज मिलेगा. यानी SCSS में निवेश करने पर हर साल लगभग 4,000 रुपये ज्यादा की कमाई हो सकती है.

ब्याज मिलने का तरीका भी अलग

दोनों योजनाओं के बीच एक बड़ा अंतर ब्याज भुगतान का है. SCSS में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है. दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस MIS में ब्याज हर महीने निवेशक के खाते में जमा होता है. जिन लोगों को हर महीने नियमित आय की जरूरत होती है, उनके लिए MIS बेहतर विकल्प हो सकता है.

निवेश सीमा और टैक्स लाभ

SCSS खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई योजना है. इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और एक व्यक्ति सभी SCSS खातों को मिलाकर अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है. पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले निवेशकों को इस योजना में धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है. हालांकि, इस योजना से मिलने वाला ब्याज निवेशक के आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य होता है.

वहीं, पोस्ट ऑफिस MIS में एकल खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इस योजना में धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती. इसके अलावा, हर महीने मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स योग्य होता है. हालांकि, पोस्ट ऑफिस इस ब्याज पर TDS नहीं काटता.

किसे चुनना होगा बेहतर?

अगर आपका उद्देश्य ज्यादा ब्याज कमाना है और आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो SCSS बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. वहीं, यदि आपको हर महीने नियमित आय चाहिए और आप मासिक कैश फ्लो को प्राथमिकता देते हैं, तो पोस्ट ऑफिस MIS आपके लिए उपयोगी हो सकती है. निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, टैक्स स्थिति और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर रहेगा.

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संपादकीय टीम

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