रविवार, 9 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
प्रेमी ने दिनदहाड़े गंडासे से काट डाला प्रेमिका का पति, किए 17 वार, बोला- मैं ना मारता तो वो मुझे मार देता​ | अमेठी में BSP नेता शशिकांत तिवारी पर जानलेवा हमला, नकाबपोश बदमाशों ने कार में की तोड़फोड़​ | Car Windshield Fog Tips: बारिश में कार के शीशों पर जमती है धुंध? तुरंत करें ये काम, साफ दिखेगा रास्ता​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Dharam

Sawan Shivratri 2026 Date and Time: जानिए कब है सावन की शिवरात्रि? जानें शिवलिंग पर जल चढ़ाने के नियम​

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। यह पावन महीना भगवान शिव की आराधना, कांवड़ यात्रा, हरियाली और श्रृंगार से सजा बेहद खास होता है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करते हैं और उनसे मनचाहा वर मांगते हैं।  सावन के महीने में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं। खासकर […]

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। यह पावन महीना भगवान शिव की आराधना, कांवड़ यात्रा, हरियाली और श्रृंगार से सजा बेहद खास होता है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करते हैं और उनसे मनचाहा वर मांगते हैं। 
सावन के महीने में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं। खासकर सावन में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। आइए आपको बताते हैं सावन की शिवरात्रि कब है और इस दिन का क्या महत्व है।
कब है सावन की शिवरात्रि?
श्रावण मास की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार सावन शिवरात्रि की 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी है। शिवरात्रि की तिथि 4 बजकर 43 मिनट पर शुरु होगी और समापन 12 अगस्त को रात 01 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदया तिथि और निशिता मुहूर्त के आधार पर 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाना काफी शुभ माना जाएगा। वहीं, 11 अगस्त की मध्यरात्रि को भोलेनाथ का पूजन बहुत फलदाई माना जाता है।
सावन शिवरात्रि का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन शिवरात्रि के दिन कांवड़िये पवित्र नदियों से गंगाजल लाकर मुख्य शिव मंदिरों में शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। माना जाता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा और विधिविधान से भोलेनाथ की पूजा करने से भगवान शिव अधिक प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है जो कि इस प्रकार है, समुद्र मंथन के समय जब भगवान शिव ने विष ग्रहण किया था, तो देवताओं ने गंगाजल अर्पित किया था।
सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने के नियम 
पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
जल अर्पित करते समय मुंह उत्तर दिशा में रखें।
जब आप जल अर्पित करें, तो उस समय  ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘बम बम भोले’ का जाप करें। 
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY