अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर निवेश करना चाहते हैं तो PPF, NSC, SCSS और बैंक FD में से सही विकल्प चुनना जरूरी है. अक्टूबरदिसंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. वहीं, कई बड़े बैंकों की FD दरें इन योजनाओं से कम हैं.

SCSS और सुकन्या में सबसे ज्यादा 8.20% ब्याज
अभी छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज 8.20% सालाना मिल रहा है. यह दर सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और सुकन्या समृद्धि अकाउंट पर लागू है. SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जबकि सुकन्या योजना पात्र बेटियों के लिए शुरू की जा सकती है. इसके बाद NSC पर 7.70% और PPF पर 7.10% ब्याज मिल रहा है. पोस्ट ऑफिस की 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.50% तक ब्याज है. वहीं पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.40% ब्याज दिया जा रहा है.
PPF में 7.10% ब्याज, लेकिन लंबी अवधि का निवेश
PPF उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो लंबे समय के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं. अक्टूबरदिसंबर तिमाही में इस पर 7.10% सालाना ब्याज मिल रहा है. इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है. इसलिए इसे छोटी अवधि की FD के साथ सीधे तुलना करना सही नहीं होगा. PPF की खासियत यह है कि इसमें लंबे समय के निवेश के साथ टैक्स से जुड़े फायदे भी मिलते हैं. हालांकि, निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और उपलब्ध लॉकइन अवधि को जरूर देखना चाहिए.
NSC में 7.70% का रिटर्न
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर फिलहाल 7.70% ब्याज मिल रहा है. इसकी अवधि 5 साल है. यह उन निवेशकों के लिए विकल्प हो सकता है जो निश्चित अवधि के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं.
बड़े बैंकों की FD से कैसे तुलना करें?
वहीं बड़े सरकारी बैंकों में 12 साल की FD पर ब्याज दरें करीब 6.45% से 6.60% के आसपास हैं. कुछ बड़े निजी बैंक भी इसी दायरे में दरें दे रहे हैं. ऐसे में कई मामलों में पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं बैंक FD से ज्यादा ब्याज दे रही हैं. हालांकि, कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक बड़े बैंकों और कई पोस्ट ऑफिस योजनाओं से ज्यादा FD ब्याज दे रहे हैं. इसलिए सिर्फ पोस्ट ऑफिस और बड़े बैंकों की तुलना करना पर्याप्त नहीं है.
किसके लिए कौनसा विकल्प?
अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं तो SCSS की 8.20% दर आकर्षक है. बेटी के भविष्य के लिए पात्र परिवार सुकन्या समृद्धि योजना देख सकते हैं. लंबी अवधि के निवेश के लिए PPF और 5 साल की अवधि के लिए NSC पर विचार किया जा सकता है. वहीं FD चुनने वालों को बैंक की ब्याज दर के साथ अवधि, टैक्स, समय से पहले निकासी के नियम और जमा सुरक्षा जैसे पहलुओं को भी देखना चाहिए. फिलहाल छोटी बचत योजनाओं की दरें लगातार 11 तिमाहियों से स्थिर हैं. इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और निवेश अवधि के हिसाब से विकल्प चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण है.