Pakistani Actor Javed Sheikh: इस वक्त भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जो फिल्म टॉप पर बनी हुई है, वो है रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’. जहां पहले पार्ट ने 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया. तो दूसरी फिल्म 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी है. लेकिन छप्परफाड़ कमाई के बीच फिल्म का दूसरा पार्ट प्रोपेगेंडा विवादों में भी घिरा हुआ है. जी हां, यह फिल्म 26/11 का बदला लेने की कहानी दिखाती है, जिसे कुछ लोग ‘प्रोपेगेंडा’ कहते दिखे. खैर, इसी बीच पाकिस्तानी एक्टर जावेद शेख का बयान वायरल हो रहा है. जिन्होंने सनी देओल की ‘बॉर्डर’ और ‘गदर’ को प्रोपेगेंडा फिल्म बताया है. जानिए पूरा मामला क्या है और कहां से शुरू हुआ?

पाकिस्तानी एक्टर जावेद शेख ने अपने आने वाले प्रोजेक्ट ‘जहन्नुम बरसाता जन्नत’ को लेकर बात की. जहां वो साउथ एशियाई सिनेमा में स्पाई कहानियों के बदलते अंदाज के बारे में भी बोलते दिखे. हाल ही में एक्टर ने RAW एजेंट का किरदार निभाने का अपना एक्सपीरियंस शेयर किया. जानिए क्यों भारत की टॉप ब्लॉकबस्टर फिल्मों गदर और को प्रोपेगेंडा कह दिया?
‘बॉर्डर’ और ‘गदर’ प्रोपेगेंडा फिल्म: जावेद शेख
दरअसल जावेद शेख, जिन्होंने पहले भी कई भारतीय प्रोडक्शन में काम किया है. फिलहाल अपने आने वाले प्रोजेक्ट ‘जहन्नुम बरसाता जन्नत’ का हिस्सा हैं. इस फिल्म में वो एक ऐसे किरदार को निभा रहे हैं, जिसका ताल्लुक भारत की खुफिया एजेंसी RAW से है.ऐसे में कुछ लोगों ने जावेद के रोल और ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज में दिखे किरदारों के बीच तुलना की. जिस पर बात करते हुए News9Live को पाकिस्तानी एक्टर ने कहा- ”उन्होंने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है. मुझे ‘धुरंधर’ देखने का समय नहीं मिला है, इसलिए मैं इस तुलना पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन आपको यह समझना होगा कि ऐसा प्रोजेक्ट भारत की तरफ से पाकिस्तान-विरोधी कंटेंट की भरमार के बाद आया है.” आगे कहते हैं-
पिछले 10 सालों में, बॉलीवुड ने इतनी ज्यादा पाकिस्तान-विरोधी फिल्में बनाई हैं कि उनकी गिनती करना मुश्किल है. उन्होंने ‘राजी’ का जिक्र करते हुए कहा- एक कश्मीरी महिला एक इंटेलिजेंस मिशन के तहत पाकिस्तानी ऑफिसर से शादी करती है. ‘मिशन मजनू’ का भी, जिसकी कहानी एक ऐसे भारतीय एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है. वो पाकिस्तान में एक न्यूक्लियर फैसिलिटी की तलाश कर रहा होता है. इस दौरान उन्होंने ‘सारे जहां से अच्छा’, ‘बॉर्डर’ और ‘गदर: एक प्रेम कथा’ जैसी पुरानी वॉर फिल्मों की तरफ भी इशारा किया. वो कहते हैं- ”मैं ‘बॉर्डर’, ‘गदर’ और उनके सीक्वल की बात नहीं कर रहा हूं, जो पूरी तरह से प्रोपेगेंडा फिल्में हैं, फिर भी भारत में कोई उन्हें ऐसा नहीं कहता.”





