North Korean Family Great Escape True Story: दुनिया के नक्शे पर (North Korea) एक ऐसा सीक्रेट देश है, जहां के बारे में कहा जाता है कि तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) के आदेश के बिना कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां से 9 लोगों का एक परिवार मौत को मात देकर निकल भागा. यह कहानी किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से भी ज्यादा खतरनाक है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ‘मिशन एस्केप’ की नींव 10 साल पहले ही रख दी गई थी. किम इल ह्योक (Kim Yi-hyok) और उनके भाई ने अपने पिता की आजादी के सपने को पूरा करने के लिए जान की बाजी लगा दी. दोनों भाइयों ने मछुआरा बनकर सालों तक कोस्टल गार्ड्स का भरोसा जीता, ताकि वे बॉर्डर के करीब जा सकें और किसी को शक न हो.
वह खौफनाक तूफानी रात
यह घटना 6 मई 2023 में घटी थी, लेकिन दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने हाल ही में इसकी पुष्टि की है, जो सोशल मीडिया के जरिए अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जब समंदर में लहरें उफान पर थीं, और कोस्टल गार्ड्स की नजरें धुंधली थीं, तब किम इल ह्योक के परिवार ने अपनी तकदीर आजमाने का फैसला किया.
बोरियों में बंद मासूम और बारूदी सुरंग
सबसे अधिक दिल दहला देने वाली बात यह थी कि इस मिशन के तहत 4 और 6 साल के बच्चों को बोरियों में बंद किया गया था. मकसद यही था कि उनकी हल्की-सी आवाज या रोना भी पेट्रोलिंग गार्ड्स के कानों तक न पहुंचे. वहीं, घर की महिलाओं को उन रास्तों से गुजरना पड़ा, जहां बारूदी सुरंगे बिछी थीं. यानी एक गलती और पूरा परिवार राख हो सकता था.
किम इल ह्योक की पत्नी 5 महीने की प्रेग्नेंट थी, लेकिन अपने बच्चे को गुलामी की जंजीरों से बचाने के लिए उसने खौफनाक सफर को चुना. कोस्टल गार्ड्स को चकमा देकर जब उनकी नाव दक्षिण कोरिया की सीमा में दाखिल हुई, तो वहां की नेवी ने उनसे पूछा- क्या आपका इंजन खराब है. जवाब मिला, हम इंजन ठीक कराने नहीं, आजादी की तलाश में आए हैं.
दक्षिण कोरिया ने उनका खुली बाहों से स्वागत तो किया, लेकिन इस कहानी का अंत बेहद दर्दनाक रहा. जिस छोटे भाई ने आजादी की स्क्रिप्ट लिखी थी, उसकी महज 19 दिन बाद एक डाइविंग हादसे में मौत हो गई.





