Health

Overthinking: हर टाइम ज्यादा सोचना, जापानी तरीके हैं ओवरथिंकिंग का बेस्ट इलाज

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिमाग भी कभी रुकता नहीं है. एक काम खत्म होता नहीं कि दूसरे कि चिंता रहता है. ऐसे में ओवरथिंग की समस्या अब अमूमन लोगों को होने लगी है. मन में किसी न किसी चीज को लेकर कुछ न कुछ सोचना आम बात हो गई है. ये एक ऐसी प्रॉबल्म है जो आपकी मेंटल हेल्थ को काफी खराब कर सकती है. छोटी-छोटी बातें दिमाग घूमना, बीती हुई गलतियों का पछतावा और आने वाले समय की चिंता मिलकर इंसान को थका देती है. कई बार तो हम किसी समस्या का हल निकालने के बजाय उसी के बारे में बार-बार सोचकर उसे और बड़ा बना देते हैं. यही वजह है कि ओवरथिंकिंग सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी मानसिक स्थिति बन जाती है जो आत्मविश्वास, नींद और खुशियों पर गहरा असर डालती है.

Overthinking: हर टाइम ज्यादा सोचना, जापानी तरीके हैं ओवरथिंकिंग का बेस्ट इलाज
Overthinking: हर टाइम ज्यादा सोचना, जापानी तरीके हैं ओवरथिंकिंग का बेस्ट इलाज

लोगों को लगता है कि ओवरथिंग को कम नहीं किया जा सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. जापान जैसे देश, जहां लोग सादगी, संतुलन और मानसिक शांति को जीवन का हिस्सा मानते हैं. वहां से हमें कई ऐसे तरीके मिलते हैं जो ओवरथिंकिंग को कम करने में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं. अगर आप भी ओवरथिंग का शिकार हैं तो ये जापानी तरीके आपको राहत पहुचांने में काफी मदद करेंगे. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं उनके बारे में.

1. Ikigai (जीने की छोटी सी वजह)

ओवरथिंग को कम करने का ये एक छोटा सा तरीका है. इसका मतलब होता है जीने के छोटी सी वजह. जैसे कोई काम, कोई शौक या कोई इंसान जिसके साथ आपको खुशी मिलती है. इसमें आपको रोज सुबह उठकर खुद से ये सवाल करना है कि आज ऐसा क्या करूं जिससे मुझे खुशी मिलेगी. फिर दिन में 1-2 काम ऐसे करें जिनसे आपका दिल खुश हो. छोटी-छोटी चीजों में खुशियां ढूंढना शुरू कर दें. यह आपको बेकार की सोच से हटाकर काम पर ध्यान लगाने में मदद करता है.

2. Wabi-sabi (अधूरेपन में भी खूबसूरती)

ये समझाता है कि हर कुछ परफेक्ट नहीं होता है. कभी थोड़ा कम ज्यादा भी होना भी लाइफ का हिस्सा है. इसमें आप अपनी हर गलती को सीख की तरह लें न कि फेल होने की तरह. घर या काम में परफेक्शन के पीछे भागना कम करें. साथ ही खुद से कहें कि जैसा है, बस ठीक है. ऐसा करने से आप अपनी गलतियों पर ज्यादा सोचना छोड़ देते हैं. जिससे ओवरथिंग कम होती है.

3. Shinrin-yoku (प्रकृति के साथ समय)

अगर आप ओवरथिंग करते हैं तो आपको नेचर के बीच कुछ देर समय बिताना चाहिए. जापान में इस तरीके को Shinrin-yoku कहा जाता है. इसमें पेड़-पौधों और खुले माहौल में समय बिताना होता है. आप रोज 10 से 15 मिनट पार्क या किसी गार्डन में वॉक करें. इस दौरान फोन का इस्तेमाल न करें. बल्कि प्रकृति से बातें करें. पक्षियों की आवाज और हवा को महसूस करें. इससे दिमाग शांत होता है और फालतू विचार कम होते हैं.

4. Kintsugi (टूटने के बाद भी खुद को मजबूत बनाना)

गलतियां और मुश्किलें आपको कमजोर नहीं बनातीं, बल्कि मजबूत बनाती हैं. Kintsugi हमे यही सिखाता है. इसलिए अपनी किसी पुरानी गलती को लिखें और सोचें आपने उससे क्या सीखा. खुद को बार-बार दोष देना बंद करें. साथ ही ये याद रखें कि हर इंसान कभी न कभी टूटता है. ऐसा करने से आप अपनी पुरानी गलतियों में उलझना छोड़ देते हैं.

5. Hara Hachi Bu (बस जितना जरूरी हो उतना)

जब लगे कि दिमाग ज्यादा सोच रहा है, तो खुद को वहीं रोकें और खुद से कहें, मैं इस बारे में बाद में सोचूंगा. इसके अलावा सोशल मीडिया और फोन का समय लिमिट करें. यानी कुल मिलाकर कहें तो हर चीज में लिमिट रखें. चाहे फिर वो खाने में हो या फिर सोचने में. ये आदात भी ओवरथिंग को कम करने में काफी हद तक मदद करती है.

6. Oubaitori (हर किसी का अपना समय)

कुछ लोग खुद को दूसरे से कम्पेयर करते रहते थे. जो ओवरथिंग का सबसे बड़ा कारण है. ऐसे में आपको Oubaitori फॉलो करना चाहिए. जो हमे ये सिखाता है कि हर इंसान अपनी स्पीड से आगे बढ़ता है. ऐसे में तुलना करने की जरूरत नहीं. सोशल मीडिया पर दूसरों की लाइफ से खुद को कम्पेयर करना कम करें. अपने छोटे-छोटे प्रोग्रेस पर ध्यान दें और खुद से कहेंगे की ‘मेरा टाइम भी आएगा’.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply