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Ola Electric Share Price: घाटा 42% घटा, फिर भी 6% टूटा शेयर… ये है वजह

भारतीय शेयर बाजार में ओला इलेक्ट्रिक के निवेशकों के लिए 21 मई का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. एक दिन पहले आए तिमाही नतीजों में कंपनी का घाटा कम होने की सकारात्मक खबर मिली थी, लेकिन बाजार खुलते ही कहानी पूरी तरह बदल गई. घाटे में बड़ी राहत मिलने के बावजूद ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर करीब 6 फीसदी तक टूटकर 34.83 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट ने आम निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है कि आखिरकार अच्छे नतीजों के बाद भी यह बिकवाली क्यों हो रही है.

Ola Electric Share Price: घाटा 42% घटा, फिर भी 6% टूटा शेयर… ये है वजह
Ola Electric Share Price: घाटा 42% घटा, फिर भी 6% टूटा शेयर… ये है वजह

घाटा तो घटा, लेकिन रेवेन्यू ने बढ़ाई चिंता

अगर हम जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों को गहराई से समझें, तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है. कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 42.5 प्रतिशत घटकर 500 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 870 करोड़ रुपये था. घाटे का कम होना निश्चित रूप से एक राहत देने वाली खबर है.

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लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि ऑपरेशंस से मिलने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 91 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ महज 56.6 करोड़ रुपये रह गया, जो मार्च 2025 की तिमाही में 611 करोड़ रुपये था. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान कंपनी के खर्च भी काफी कम होकर 546 करोड़ रुपये पर आ गए, जो पहले 1306 करोड़ रुपये थे. इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड ग्रॉस मार्जिन 38.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है.

डिलीवरी के मोर्चे पर कैसी रही रफ्तार

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो ओला इलेक्ट्रिक का कुल शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा 1833 करोड़ रुपये रहा है. इस अवधि में ऑपरेशंस से कुल रेवेन्यू 2253 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि पूरे साल का कंसोलिडेटेड ग्रॉस मार्जिन 30.6 प्रतिशत रहा.

गाड़ियों की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में 20,256 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स ग्राहकों तक पहुंचाए. वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2026 में कुल डिलीवरी का आंकड़ा 1,73,794 यूनिट्स रहा. भविष्य को लेकर कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आगामी अप्रैल-जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 500 से 550 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है, जिसमें 40,000 से 45,000 यूनिट्स के ऑर्डर मिलने का अनुमान है.

ब्रोकरेज फर्म्स की बड़ी चेतावनी

तिमाही नतीजों के बाद बड़े ब्रोकरेज हाउसों की रिपोर्ट्स ने निवेशकों के सेंटिमेंट को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. दिग्गज ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने ओला इलेक्ट्रिक के शेयर का टारगेट प्राइस 22 रुपये से बढ़ाकर 26 रुपये तो किया है, लेकिन अपनी ‘सेल’ (बिकवाली) की रेटिंग को नहीं बदला. सिटी का मानना है कि कंपनी के मार्जिन में सुधार जरूर दिख रहा है, लेकिन मुनाफे की स्थिति में आने के लिए जैसी बड़ी वॉल्यूम ग्रोथ (बिक्री की रफ्तार) चाहिए, उसकी फिलहाल कमी दिख रही है.

इसी तरह, एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी टारगेट 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये किया है. दूसरी तरफ, एचएसबीसी (HSBC) ने अपनी नकारात्मक राय जताते हुए टारगेट प्राइस को घटाकर 33 रुपये प्रति शेयर कर दिया है और ‘रिड्यूस’ की रेटिंग बरकरार रखी है. जानकारों की यह सतर्कता ही बाजार में बिकवाली की मुख्य वजह बनी.

शेयर की मौजूदा स्थिति क्या है

अगस्त 2024 में 6145.56 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आईपीओ के साथ लिस्ट हुई ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट कैप फिलहाल 15,500 करोड़ रुपये से ऊपर है. पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने निचले स्तरों से करीब 33 प्रतिशत की शानदार रिकवरी दिखाई थी, जिससे रिटेल निवेशकों को बड़ी उम्मीदें बंधी थीं. मार्च 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 34.59 प्रतिशत थी. बीएसई पर इस शेयर का 52 हफ्तों का एडजस्टेड हाई 71.24 रुपये और एडजस्टेड लो 21.21 रुपये रहा है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
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