No PUC No Fuel Rule: आज के समय में लगभग हर किसी के पास कोई न कोई वाहन जरुर होता है, किसी के पास स्कूटी तो किसी के पास बाइक, कार, ट्रक जैसे वाहन होते हैं। लेकिन अगर आपके गाड़ी का वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल प्रमाण पत्र नहीं है, तो आपको ईधन नहीं मिलेगा।

दरअसल हरियाणा परिवहन विभाग ने हरियाणा के NCR इलाके में रहने वाले लोग जिनके पास अपनी गाड़ी है, उनके लिए पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया है कि बिना वैध PUC वाले गाड़ियों में ईंधन ना भरें। यह सिस्टम दिल्लीNCR में 1 अक्टूबर से लागू हुए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम के तहत जारी किया गया है।
आखिर क्यों नहीं मिलेगा पेट्रोल?
हरियाणा परिवहन विभाग ने दिल्लीNCR में 1 अक्टूबर से लागू हुए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम के तहत बिना वैध PUC वाले वाहनों को ईधन देने से मना कर दिया है। ऐसा करने से विभाग का मकसद प्रदूषण पर लगाम लगाने और दिल्लीNCR की हवा को प्रदूषण रहित करने से है।
किन वाहनों को नहीं मिलेगा ईधन?
हरियाणा के NCR इलाके में रहने वाले लोग जो की सफर के लिए किसी भी प्रकार के वाहन का प्रयोग करते है और उनके वाहनों के पास वैध PUC नहीं है तो उन्हें पेट्रोल, डीजल या CNG ने देने के निर्देश दिए हैं।
पेट्रोल पंप पर जब कोई व्यक्ति पेट्रोल भरवाने जाएगा। तो वहां मौजूद कर्मचारी ईंधन भरने से पहले वहां के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए PUC की वैधता की जांच करेंगे। इतना ही नहीं ANPR कैमरा सिस्टम के जरिए वाहन का नंबर ऑनलाइन PUC डेटाबेस से चेक किया जाएगा। अगर वैध PUC नहीं मिला तो उसे पेट्रोल डीजल नहीं मिलेगा और उस वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
इन जगह में होंगे नियम लागू
हरियाणा के NCR इलाके में आने वाले 14 जिलों में ये नियम लागू किए गए हैं, जिसमें नीचे दिए गए जिले शामिल हैं।
गुरुग्राम
पानीपत
रोहतक
झज्जर
फरीदाबाद
सोनीपत
महेंद्रगढ़
भिवानी
रेवाड़ी
पलवल
नूंह
चरखी दादरी
जींद
करनाल
वैध PUC प्रमाण पत्र न होने पर क्या करें?
अगर आपके वाहन का वैध PUC प्रमाण पत्र नहीं है तो आपको पास के अधिकृत प्रदूषण जांच सेंटर से सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भेजा जाएगा। आप स्वंय भी किसी अधिकृत पेट्रोल पंप या सर्विस सेंटर पर जाकर तुरंत नया प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।
बता दें कि, वैध PUC प्रमाण पत्र न होने से सिर्फ पेट्रोल , डीजल मिलने बस में परेशानी नहीं होगी, बल्कि मोटर वाहन नियमों के तहत बिना वैध PUC के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।