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New Born से एडल्ट तक…उम्र के हिसाब से किसे कितने घंटे सोना चाहिए?

आजकल लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद को नजरअंदाज कर रहे हैं. कुछ लोग जल्दी मीटिंग के चक्कर में पहले ही उठ जाते हैं. तो कुछ लोग मोबाइल यूज करने के चक्कर में देर रात को सोते हैं. जिससे नींद की क्वालिटी खराब होती है और सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. मतौर पर लोग यह सोचते हैं कि कम सोकर भी शरीर ठीक तरह से काम कर लेगा, लेकिन सच यह है कि अच्छी और पूरी नींद हमारे शरीर और दिमाग दोनों के लिए उतनी ही जरूरी है जितना खाना और पानी. पर्याप्त नींद न मिलने पर थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, याददाश्त में कमी और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

New Born से एडल्ट तक…उम्र के हिसाब से किसे कितने घंटे सोना चाहिए?
New Born से एडल्ट तक…उम्र के हिसाब से किसे कितने घंटे सोना चाहिए?

दिलचस्प बात यह है कि हर उम्र में नींद की जरूरत अलग-अलग होती है. एक न्यू बोर्न बच्चे को जहां दिनभर में ज्यादा घंटे की नींद चाहिए होती है, वहीं बड़े होने के साथ यह समय धीरे-धीरे कम होता जाता है. चलिए यहां जानते हैं कि उम्र के हिसाब से किसे कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए.

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नवजात शिशु (New Born)

नवजात शिशू को सबसे ज्यादा नींद की जरूरत होती है. क्योंकि नवजात बच्चे का शरीरिक और मानसिक विकास हो रहा होता है. ऐसे में उन्हें दिन और रात मिलाकर लगभग 14 से 17 घंटे तक सोने की जरूरत होती है. अच्छी नींद लेने से उनकी ग्रोथ, याददाश्त और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. इस उम्र में बच्चे बार-बार जागते और सोते हैं क्योंकि उनका शरीर अभी पूरी तरह से दिन-रात की दिनचर्या के अनुसार विकसित नहीं हुआ होता.

स्कूल जाने वाले बच्चे (6-13 वर्ष)

स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना 9 से 11 घंटे की नींद लेनी चाहिए. इस उम्र में बच्चे पढ़ाई, खेलकूद और मेंटल एक्विटी में काफी एक्टिव रहते हैं. पर्याप्त नींद से उनका दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है, याददाश्त तेज होती है और पढ़ाई में ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है. नींद पूरी न होने पर बच्चों में चिड़चिड़ापन, थकान और पढ़ाई में कमजोरी देखने को मिल सकती है.

टीनेजर (14-17 वर्ष)

टीनएज यानी किशोरावस्था में शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं, इसलिए 8 से 10 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है. अच्छी नींद मानसिक संतुलन बनाए रखने, तनाव कम करने और शरीर की एनर्जी बनाए रखने में मदद करती है. इस उम्र में पढ़ाई, सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम के कारण अक्सर नींद प्रभावित होती है, जिससे ध्यान की कमी और मूड स्विंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए टीनेजर को 8 से 10 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए.

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एडल्ट (18-64 वर्ष)

अगर आप एडल्ट हैं…यानी आपकी उम्र 18 से 64 साल के बीच है तो आपके लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लेना बेहतर है. पर्याप्त नींद लेने से शरीर को आराम मिलता है, तनाव कम होता है और हार्ट से लेकर ब्रेन हेल्दी रहता है. अच्छी नींद काम करने की क्षमता, फोकस और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है. लगातार कम नींद लेने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और थकान जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

वरिष्ठ नागरिक (65 वर्ष या उससे ज्यादा)

बढ़ती उम्र में शरीर की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, इसलिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है. अच्छी नींद लेने से याददाश्त बेहतर रहती है, शरीर को एनर्जी मिलती है और मेंटल हेल्थ अच्छा बना रहता है. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ नींद हल्की हो सकती है और रात में बार-बार जागने की समस्या भी हो सकती है.

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