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‘बैंक-बैलेंस तो बढ़ जाता है लेकिन…’,Sanjana Sanghi ने मूवीज के चुनाव पर दिया बेबाक बयान​

सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट फिल्म ‘दिल बेचारा’ से लाइमलाइट में आने वाली अभिनेत्री संजना सांघी ने बताया कि उनके लिए 10 फिल्में करने से बेहतर अच्छे रोल चुनना जरूरी है। किसी प्रोजेक्ट को हां करने से ज्यादा यह समझना जरूरी है कि किसे न कहना है। रॉकस्टार और धकधक फिल्मों की अभिनेत्री संजना सांघी […]

सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट फिल्म ‘दिल बेचारा’ से लाइमलाइट में आने वाली अभिनेत्री संजना सांघी ने बताया कि उनके लिए 10 फिल्में करने से बेहतर अच्छे रोल चुनना जरूरी है।

किसी प्रोजेक्ट को हां करने से ज्यादा यह समझना जरूरी है कि किसे न कहना है। रॉकस्टार और धकधक फिल्मों की अभिनेत्री संजना सांघी के लिए फिल्मों को चुनने का एक तरीका है। संजना ने हाल ही में बताया कि किसी भी पात्र को चुनने के लिए उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है।

दस से बेहतर एक फिल्म करूंगी संजना सांघी

वह कहती हैं कि अगर स्क्रिप्ट से आप रबर लेकर मेरा पात्र मिटा दें और फिर भी कहानी का प्लॉट न बदले तो वह मेरे लिए न कहने का सबसे बड़ा कारण होता है। मैंने कई ऐसे लीड रोल भी देखे हैं, जहां स्क्रीनप्ले में उनका कोई प्रभाव नहीं होता है। मैं एक ही फिल्म करके खुश रहूंगी, जहां मैं पटकथा में प्रभावशाली लगू, बजाय इसके कि मैं दस फिल्में करूं, जहां मेरे रहने न रहने से कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।

उन्होंने आगे कहा, “मेरे भीतर के आर्टिस्ट को संतुष्ट करने के लिए केवल फिल्म में होना काफी नहीं है। मैं मानती हूं कि उन फिल्मों में काम करके मुझे दिखने का मौका मिल सकता था। इसके लिए मैंने वह कीमत भी चुकाई है, जहां मैंने केवल दिखने की बजाय उस फिल्म को न कहा, क्योंकि मैं उसका हिस्सा नहीं बनना चाहती थी। जिन प्रोजेक्ट में काम करके आप खुश न हों, फिर भी कर रहे हैं तो उसकी भी कीमत चुकानी पड़ती है। एक ऐसे सेट पर 1516 घंटे काम करना पड़ता है, जहां आप खुश नहीं हैं। मानसिक और शारीरिक तौर पर वहां काम करना चुनौतीपूर्ण होता है।”

‘अच्छीखराब चीजें कीमत के साथ आती हैं’

हम जो काम करते हैं, वो कलाकार होने के नाते हमें अपना बनाना होता है, क्योंकि हम उसका प्रमोशन करते हैं। वह भी हमारे काम का सबसे बड़ा हिस्सा है। अगर मुझे ही उस प्रोजेक्ट में यकीन नहीं है तो मैं कैसे उसे प्रमोट करूंगी। मैं जब अच्छा काम नहीं करती हूं तो मेरे प्रशंसकों को भी खराब लगता है। मै इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझती हूं और उसे निभाना मुझे पसंद है।

हर अच्छी और खराब चीज एक कीमत के साथ आती है, जो फिल्में पसंद नहीं हैं, लेकिन बड़ी हैं तो उससे आप दिखते तो रहते हो, बैंक बैलेंस भी अच्छा हो जाता है,लेकिन फिर उस फिल्म को हमेशा के लिए साथ जोड़कर रखना होता है। फिल्म धक धक की सीक्वल को लेकर संजना कहती हैं कि कहानी तैयार है, हम सबको बहुत पसंद आई है। इसे जल्द ही शुरू करेंगे। हमें भी इसके शुरू होने का इंतजार है।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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