Sunday, May 31, 2026
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Mango Capital Of The World: न वाराणसी, न महाराष्ट्र…भारत में कहां है आमों का गढ़? हजारों एकड़ में फैले हैं बाग

Mango Capital Of The World: न वाराणसी, न महाराष्ट्र…भारत में कहां है आमों का गढ़? हजारों एकड़ में फैले हैं बाग

दुनिया में सबसे ज्यादा आम भारत में ही उगाए जाते हैं और भारतीय आमों की बड़ी खेप विदेशों में भी भेजी जाती हैं. महाराष्ट्र का अल्फांसो तो दुनियाभर में पॉपुलर है तो वहीं वाराणसी का लंगड़ा आम भी खूब पसंद किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि आमों का गढ़ कहां है यानी भारत में सबसे ज्यादा आम कहां पर उगाए जाते हैं. इस जगह को “मैंगो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है”. तो चलिए जान लेते हैं इस जगह के बारे में.

Khabar Monkey

Mango Capital Of The World: न वाराणसी, न महाराष्ट्र…भारत में कहां है आमों का गढ़? हजारों एकड़ में फैले हैं बाग
Mango Capital Of The World: न वाराणसी, न महाराष्ट्र…भारत में कहां है आमों का गढ़? हजारों एकड़ में फैले हैं बाग

भारतीय आमों की मांग जापान में बड़े स्तर पर है. इसके अलावा भारत संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, सऊदी अरब जैसे दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में आम का निर्यात करता है, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में कौन सी ऐसी जगह है जो आम उगाने का मुख्य केंद्र है.

उत्तर प्रदेश में आम का गढ़

भारत के आमों का गढ़ उत्तर प्रदेश में लखनऊ जिले के मलिहाबाद तहसील में है. यहां कई हजार एकड़ में आम के बाग देखने को मिल जाएंगे और लोग पीढ़ियों से यहां आम की खेती करते आ रहे हैं. मलिहाबाद, माल ब्लॉक, काकोरी और रहीमाबाद के ग्रामीण बेल्ट में मुख्य रूप से आम उगाए जाते हैं. उत्तर प्रदेश में भारत का सबसे ज्यादा आम उगाया जाता है. इस स्टेट की आम के प्रोडक्शन में 23.58% हिस्सेदारी है. इस राज्य में तकरीबन 13 जिलों में 15 आम की बेल्ट फैली हुई हैं और टोटल प्रोडक्शन तकरीबन 45 लाख मीट्रिक टन है.

सबसे ज्यादा उगती हैं ये किस्में

मलिहाबाद बेल्ट में आम की कुछ किस्में जैसे दशहरी, चौसा, सफेदा और लंगड़ा बेहद पॉपुलर हैं. यहां पर आम्रपाली, लखौड़ा, जवहारी (सफेदा) जैसी कई आम की किस्में उगाई जाती हैं. हर एक आम की किस्म स्वाद और सुगंध अपनी अलग विशिष्टता के लिए जाना जाती है.

Mango Farming In India

मलिहाबाद में है मैंगो मैन

यहां के कलीमुल्लाह खान मैंगो मैन के नाम से जाने जाते हैं और उन्हें पद्मश्री से सम्मानित भी किया जा चुका है. दरअसल उन्होंने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए आम की कई नई किस्में इजाद की हैं और हर साल वो इसमें नई-नई किस्में जोड़ते जाते हैं. उन्होंने एक ऐसा अनूठा आम का पेड़ भी लगाया है जिस पर 300 से ज्यादा किस्मों के मैंगो उगा चुके हैं.

कितने हैं आम के पोषक तत्व

अगर आप बेसिक तौर पर आम के पोषक तत्वों की बात करें तो के मुताबिक, आम में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन सी, फोलेट, विटामिन ए, ल्यूटिन, ज़ेक्सैंथिन, विटामिन के जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं.

भारत में आम की अनगिनत किस्में

दुनिया में भारत आमों का सबसे बड़ा उत्पादक है. हमारे यहां दशहरी, चौसा, लंगड़ा तो सबसे पॉपुलर किस्में है ही. इसके अलावा हमारे यहां आम की अनगिनत वैरायटी मिल जाती हैं. हापुस या अल्फांसा (आमों का राजा), केसर आम, बंगनपल्ली यानी सफेदा, तोतापुरी आम (कर्नाटक-आंध्र प्रदेश), हिमसागर आम (बंगाल), आम्रपाली (हाइब्रिड किस्म), रसपुरी आम, सिंधुरा, बादामी आम, किशन भोग आम, बॉम्बे ग्रीन मैंगो, नीलम आम, मालगोवा/मुलगोबा आम, लक्ष्मणभोग आम, इमाम पसंद आम, फ़ज़ली आम, मनकुराद आम, पहाड़ी/पैरी आम, मल्लिका आम, गुलाब खास आम, वनराज आम, किलिचुंदन आम, रुमानी आम , कई किस्में उगाई जाती हैं.

khabarmonkey@gmail.com

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