: महाराष्ट्र में SIR को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा। रविवार को मुंबई में ठाकरे बंधुओं के विराट गर्जना मोर्चा में उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए। NDTV

#WATCH | Mumbai: Supporters of MNS chief Raj Thackeray and Shiv Sena chief Uddhav Thackeray gather in large numbers near Metro Cinema.
Both are leading a joint protest march toward the BMC headquarters against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. pic.twitter.com/BZnmhmSkgK
— ANI October 4, 2026
13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए
उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि देशभर में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
हालांकि, 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आंकड़ा उद्धव ठाकरे का दावा है, इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना है तथा प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की व्यवस्था मौजूद है। NDTV
ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर उठाया सवाल
में CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति का मुद्दा भी प्रमुख रहा। उद्धव ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर किस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने वाली पुरानी व्यवस्था में बदलाव क्यों किया गया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर है।
मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए इस्तेमाल की जा रही शक्तियों का असर आम नागरिकों के Voting Rights पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि किसी व्यक्ति के नागरिकता अधिकार को खत्म करने की शक्ति गृह मंत्रालय के पास है या नहीं और फिर इस तरह की कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया से कैसे जुड़ रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताते हुए उनके पद से हटने की मांग दोहराई।
BJP पर ‘वोट चोरी’ का आरोप
उद्धव ठाकरे ने BJP पर भी की जिम्मेदारी है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अवैध तरीके से देश में दाखिल हुआ है तो इसके लिए सीमा सुरक्षा और केंद्र की व्यवस्था पर भी सवाल होना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए सत्ता के कथित केंद्रीकरण पर भी निशाना साधा। ( उन्होंने कहा कि देश में अगर के नाम पर तानाशाही तैयार की जा रही है, तो उसका विरोध किया जाएगा।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की बात कही। उद्धव ने कहा कि उनका आंदोलन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकार से जुड़ा है।
मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने के खिलाफ संयुक्त मार्च का नेतृत्व किया। मार्च मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर BMC मुख्यालय की ओर गया। कांग्रेस और शरद पवार गुट की NCP के नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
Make in India से डिक्टेटर मत बनाइए
ठाकरे बंधुओं के मार्च में विपक्ष भी शामिल