नई दिल्ली: थर्मल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन क्षेत्र की कंपनी **Tempsens Instruments** के आईपीओ ने शुक्रवार को शेयर बाजार में शानदार एंट्री की। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 110 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ और आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही जोरदार लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिसके चलते कारोबार खत्म होने तक शेयर करीब 7 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

Tempsens Instruments के आईपीओ का इश्यू प्राइस **300 रुपये प्रति शेयर** तय किया गया था। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर **631.20 रुपये** पर लिस्ट हुआ। यह इश्यू प्राइस से करीब 110 फीसदी प्रीमियम था। वहीं, एनएसई पर शेयर करीब 111 फीसदी प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुआ। इस तरह आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही अपने निवेश के मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली।
शानदार लिस्टिंग के बाद शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी जारी रही। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके बाद शेयर दबाव में आ गया। बीएसई पर Tempsens Instruments का शेयर **7.03 फीसदी गिरकर 586.80 रुपये** पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय **551.20 रुपये** तक भी फिसल गया था। इस स्तर पर लिस्टिंग प्राइस की तुलना में शेयर करीब 12.67 फीसदी नीचे आ गया था। हालांकि, गिरावट के बावजूद शेयर अपने 300 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 96 फीसदी ऊपर कारोबार करता रहा।
Tempsens Instruments का करीब **650 करोड़ रुपये** का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था। तीन दिनों तक चली बोली प्रक्रिया के दौरान इश्यू को करीब **184 गुना सब्सक्रिप्शन** मिला था। आईपीओ में **95 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू** शामिल था, जबकि **555 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल ** रखा गया था। मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद कंपनी के शेयर की लिस्टिंग को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह था।
Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन क्षेत्र में काम करती है। कंपनी तापमान मापने और नियंत्रित करने से जुड़े विभिन्न उत्पाद बनाती है। इसके उत्पादों में **तापमान सेंसर, नॉनकॉन्टैक्ट तापमान सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल्स** शामिल हैं। कंपनी का कारोबार औद्योगिक जरूरतों से जुड़े इन उत्पादों पर केंद्रित है।
निवेशकों के लिए रणनीति की बात करें तो एसबीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक, जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, वे अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि के लिए शेयर होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिन निवेशकों ने मुख्य रूप से लिस्टिंग गेन के लिए आईपीओ में पैसा लगाया था, वे मौजूदा तेजी के दौरान मुनाफा बुक करने पर विचार कर सकते हैं।
नए निवेशकों के लिए मौजूदा ऊंचे स्तरों पर शेयर के पीछे भागने के बजाय **‘Buy on Dips’**, यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है और किसी भी निवेश का फैसला निवेशक को अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए।