इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने हांगकांग, शंघाई और हो ची मिन्ह सिटी समेत छह अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। बढ़ती परिचालन लागत, कमजोर यात्रा मांग और वैश्विक चुनौतियों के बीच एयरलाइन ने यह कदम उठाया है। इस फैसले का असर उन हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है, जिन्होंने जुलाई से सितंबर के बीच इन गंतव्यों की यात्रा की प्लानिंग बनाई थी।

इंडिगो के अनुसार 1 जुलाई 2026 से हांगकांग, शंघाई, हो ची मिन्ह सिटी, लंगकावी और क्राबी के लिए उड़ानें बंद कर दी जाएंगी। वहीं कंबोडिया के सिएम रीप के लिए सेवाएं 3 जुलाई से निलंबित होंगी। फिलहाल यह रोक 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
आखिर क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
इंडिगो का कहना है कि जुलाई से सितंबर के बीच आमतौर पर यात्रियों की संख्या कम हो जाती है। वहीं, हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले ईंधन (ATF) की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे उड़ानों का खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा कई देशों के एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से उड़ानों का संचालन भी मुश्किल और महंगा हो गया है। यही कारण है कि एयरलाइंस को अपने रूट्स और उड़ानों की संख्या में बदलाव करना पड़ रहा है।
क्या अक्टूबर से फिर शुरू होंगी सेवाएं?
इंडिगो ने साफ किया है कि यह फैसला स्थायी नहीं है। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित सभी रूट्स के लिए 1 अक्टूबर 2026 से दोबारा बुकिंग शुरू की जाएगी। यदि बाजार की स्थिति और मांग में सुधार होता है तो उड़ानें इससे पहले भी बहाल की जा सकती हैं।
एयरस्पेस संकट भी बना बड़ी वजह
मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कई एयरलाइंस को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ानों की अवधि और ईंधन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि कई वैश्विक एयरलाइंस अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की समीक्षा कर रही हैं।
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यात्रियों पर क्या होगा असर?
जिन यात्रियों ने जुलाई से सितंबर के बीच इन छह शहरों की यात्रा की योजना बनाई है, उन्हें अब वैकल्पिक एयरलाइंस या नए यात्रा विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। हालांकि इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि उसके बाकी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि इन छह रूट्स को अस्थायी रूप से बंद करने के बावजूद इंडिगो हर सप्ताह 1,800 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती रहेगी।












