भारत और रूस की दोस्ती कितनी गहरी और विश्वास से भरी है। इसका इतिहास काफी लंबा है। इस दोस्ती को तोड़ने के लिए न जाने कितनी कोशिशें की गई। दबाव और धमकी वाली राजनीति अपनाई गई। लेकिन फिर भी रूस और भारत की मजबूत दोस्ती में कोई भी दरार नहीं डाल पाया। जब-जब भारत पर कोई भी संकट आया तब-तब रूस भारत के साथ चट्टान की तरह ढाल बनकर खड़ा दिखाई दिया। एक बार फिर जब बॉर्डर पर तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है तो रूस ने भारत को ऐसा बाहुबली भेजा है कि जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। रूस ने जैसे ही ये खतरनाक हथियार भेजा है तो पाकिस्तान में इस बात की चर्चा जमकर हो रही है कि कहीं भारत फिर से कुछ बड़ा करने वाला तो नहीं है। क्योंकि जिस सुदर्शन चक्र को रूस ने भारत भेजा है, वह कुछ महीनों पहले ही पाकिस्तान को धुआधुआ करते हुए भीषण तबाही मचा चुका है।
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दरअसल भारत के दोस्त रूस ने अपना वादा निभाते हुए चौथा S400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम पहुंचा दिया है। यह सुदर्शन चक्र भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करेगा क्योंकि सुदर्शन चक्र ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी। रूस से भेजा गया चौथा S400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि इसे जल्द ही पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जा सकता है। ये सिस्टम भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगा। यह वही सिस्टम है जिसने 350 कि.मी. से भी ज्यादा दूरी से पाकिस्तान के विमान को मार गिराया था जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। दरअसल भारत और रूस के बीच 2018 में S400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता हुआ था। इस सौदे के तहत भारत को कुल पांच स्क्वाडन मिलने हैं। अब तीन सिस्टम भारत को मिल चुके थे। चौथा सिस्टम भी पहुंच गया है। पांच और अंतिम सिस्टम के इस साल के अंत तक मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान सीमा से जुड़े कुछ इलाकों में अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम कवरेज की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो पश्चिमी क्षेत्र में भारत का हवाई सुरक्षा कवच और मजबूत हो जाएगा। S400 रोज का बनाया गया।
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एक आधुनिक लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है। भारत में इसे सुदर्शन नाम दिया गया है। यह लड़ाकू विमान ड्रोन, क्रूज मिसाइल, बैलस्टिक मिसाइल और कुछ स्टेल्थ लक्ष्यों को भी निशाना बना सकता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी दूरी और तेज प्रतिक्रिया क्षमता है। S400 के साथ शक्तिशाली रडार लगे होते हैं। यह करीब 600 कि.मी. दूर तक हवा में ही हो रही गतिविधियों का पता लगा सकते हैं। यह सिस्टम एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। इसके बाद अलग-अलग प्रकार की मिसाइलों के जरिए उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। हवाई हमले की सूरत में एयर डिफेंस सिस्टम कितना जरूरी है? इसका उदाहरण ऑपरेशन सिंदूर से लेकर ईरान की जंग में देखने को मिला है। यही वजह है कि भारत लगातार अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने में लगा है। जहां रूस ने चौथा S400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत भेजकर पाकिस्तान जैसे दुश्मनों की नींद उड़ा दी है।
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