हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जिसे हल्के में लिया जाए तो बात जान तक भी बन जाती है. भारत में आज भी अधिकतर लोग ये समझ ही नहीं पाते हैं कि हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी से जुड़ी समस्याएं कितनी गंभीर स्थिति बना सकती हैं. कई ऐसी जरूरी जानकारियां हैं जिनके बारे में लोगों को पता नहीं है और वो बीपी की दिक्कतों से घिरे होने के बावजूद गलतियां करते हैं. दरअसल, हर साल 17 मई को हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है. इस दिन के जरिए लोगों को ये समझाने की कोशिश की जाती है कि बीपी का लेवल अगर बिगड़ा हुआ है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

बीपी यानी ब्लड फ्रेशर का लगातार नॉर्मन न होना एक बड़ी समस्या है. चाहे फिर ये हाई हो या लो. यहां हम हाई बीपी से जुड़ी कुछ जरूरी बातें आपको बताने जा रहे हैं. इस प्रॉब्लम में समझादारी से जुड़ी कुछ जरूरी चीजें काम आती हैं. जानें…
हाइपरटेंशन डे क्यों मनाया जाता है । Hypertension Day 2026
वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे का उद्देश्य लोगों को हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े खतरे, इसके लक्षण, बचाव और सही इलाज के बारे में जागरूक करने से जुड़ा है. हाइपरटेशन यानी हाई बीपी एक साइलेंट किलर बीमारी है. अधिकतर लोगों को इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते. ये धीरे-धीरे बॉडी को नुकसान पहुंचाता है. अगर हाई बीपी को कंट्रोल न किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
इस दिन के शुरुआत करने के पीछे लोगों को ये समझाना था कि वो नियमित रूप से अपना बीपी लेवल चेक कराएं. इसके अलावा भी कई चीजों को ध्यान रखने की सलाह दी जाती है जिसमें नमक और जंक फूड कम खाना, एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना, तनाव और धूम्रपान से दूरी, और समय पर इलाज लेना शामिल है.
क्यों होती है हाई बीपी की समस्या
ज्यादा नमक खाना
ज्यादा वजन या मोटापा
स्ट्रेस
फिजिकल कम एक्टिव होना
स्मोकिंग और एल्कोहल
नींद न आना
डायबिटीज
नॉर्मल ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए
आमतौर पर 120/80 mmHg को सामान्य माना जाता है. अगर ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 mmHg या उससे ऊपर रहे, तो उसे हाइपरटेंशन माना जाता है.
Khabar Monkey
हाइपरटेंशन से बचना है तो ये तरीके आजमाएं
वैसे हाई बीपी अगर कंट्रोल में नहीं हो रहा है तो तुरंत डॉक्टरी इलाज लेना चाहिए. लेकिन कुछ तरीकों को रोजाना अपनाया जाए तो इस प्रॉब्लम से कुछ हद तक बचा जा सकता है.
नमक का कम यूज
कंट्रोल करने का सबसे बढ़िया घरेलू तरीका है कि नमक के इंटेक पर फोकस करें. ज्यादा नमक खाने से बीपी बढ़ता है. डब्ल्यूएचओ भी कहता है कि हमें दिनभर में सिर्फ 5 से 6 ग्राम नमक ही खाना चाहिए. चिप्स, अचार, पैकेट वाले फूड्स और नमकीन को कम ही खाना चाहिए.
रोजानान एक्सरसाइज है जरूरी
किसी भी बीमारी या हेल्थ प्रॉब्लम से लड़ना या बचने के लिए खुद को फिजिकली एक्टिव रखना जरूरी है. इसलिए रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर करें. इसके अलावा प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज को करना बेस्ट रहता है.
पोटैशियम वाली चीजें खाएं
पोटैशियम शरीर में सोडियम का असर कम करने में मदद करता है. इसके लिए आप केला, नारियल पानी, पालक, चुकंदर और दही को खा सकते हैं. जिन्हें हाई बीपी हो उन्हें अपना डाइट प्लाने एक्सपर्ट की सलाह पर ही फॉलो करना चाहिए.





