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How Kidney Stone affects Youths: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? एक्सपर्ट ने बताई हर डिटेल

कम पानी पीना, खाने के पैर्टन में बड़ा बदलाव, डिहाइड्रेशन और कई ऐसे फैक्टर्स हैं जो कम उम्र में ही पथरी का शिकार बना रहे हैं. में सामने आया है कि 20 से 40 साल की उम्र वाले में किडनी में स्टोन की समस्या ज्यादा परेशान करती है. वैसे हम यहां गॉल ब्लैडर में होने वाली पथरी की कर रहे हैं. सर गंगाराम के लिवर गैस्ट्रोएंटरलोजिस्ट डॉ. पीयूष रंजन बताते हैं कि गॉल स्टोन जनरल पॉपुलेशन में करीब 7 फीसदी लोगों को होता है.

How Kidney Stone affects Youths: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? एक्सपर्ट ने बताई हर डिटेल
How Kidney Stone affects Youths: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? एक्सपर्ट ने बताई हर डिटेल

गॉल ब्लैडर में पथरी के होने पर पेट में हद से ज्यादा दर्द होता है. इस हेल्थ प्रॉब्लम का होना आजकल नॉर्मल हो गया है लेकिन चिंता की बात है कि कम उम्र में ही लोग इसका शिकार बन रहे हैं.

बताया जाता है कि कम पानी पीने की वजह से पथरी की समस्या होती है. पर क्या आप जानते हैं कि और भी कई कारण हैं जो हमें पथरी का मरीज बना देते हैं. ज्यादा गर्मी वाले इलाकों में रहने वालों में किडनी स्टोन की दिक्कत ज्यादा परेशान करती है. ऐसे में नौकरी जाने वाले, जिम जाने वाले और कॉलेज स्टूडेंट्स पथरी की वजह से यूरिन इंफेक्शन, पेट में दर्द और यूरिन में जलन को अक्सर सामना करते हैं. एक्सपर्ट से जानें ऐसा क्यों होता है और इससे बचने के लिए किन तरीकों को आजमाना चाहिए.

क्यों होती है गॉल ब्लैडर में पथरी

सर गंगाराम हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरलॉजी के वाइस चैयरमैन डॉ. पीयूष रंजन से टीवी9 से इस मुद्दे पर खास बातचीत की. एक्सपर्ट बताते हैं कि पित्त की थैली में होने पथरी होने पर पेट की बीच और दाईं साइड में बहुत ज्यादा दर्द होता है.

गॉल ब्लैडर स्टोन के टाइप

एक्सपर्ट कहते हैं कि गॉल स्टोन दो तरह से होता है जिसमें एक का टाइप कोलेस्ट्रॉल और दूसरा पिगमेंट्स स्टोन होता है. कोलेस्ट्रॉल स्टोन बॉडी में कोलेस्ट्रॉल की जो मेटाबॉलिज्म होती है उसके कारण होता है या गॉल ब्लैडर की इंटरलाइनिंग डिफेक्ट के कारण होता है. डॉक्टर बताते हैं कि गॉल ब्लैडर में स्टोन होने की एक वजह जेनेटिक भी हो सकती है.

यंग ऐज में क्यों होती है इसकी दिक्कत

यंग ऐज में अगर ये दिक्कत होती है तो इसका बड़ा कारण पिगमेंट्स स्टोन हैं. इस तरह स्टोन हिमोलिसिस यानी ब्लड टूटने की प्रक्रिया से बनता है. यंग ऐज में कोलेस्ट्रॉल और पिगमेंट्स स्टोन दोनों हो सकते हैं. पर देखा जाए तो यंग ऐज में ज्यादातर पिगमेंट्स स्टोन होते हैं. ये छोटे और ब्लैक कलर के होते हैं.

कोलेस्ट्रॉल से बनने वाली पथरी जनरली यंग ऐज में बहुत कम होती है क्योंकि जिन्हें मेटाबॉलिक समस्या है तो ऐसा हो जाता है. अगर इससे जुड़े लक्षण नजर आते हैं तो इसका इलाज सर्जरी ही है.

पथरी से बचने के लिए ध्यान में रखें ये चीजें

गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में स्टोन यानी पथरी बनने का खतरा पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन कुछ आदतों से इसका रिस्क काफी कम किया जा सकता है। गॉल स्टोन अक्सर तब बनते हैं जब पित्त (bile) में कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन ज्यादा जमा होने लगता है।

गॉल ब्लैडर स्टोन से बचने के लिए जरूरी बातें

रैपिड वेट लॉस से बचें- बताया जाता है कि तेजी से वजन घटाने जैसे क्रैश डाइटिंग का तरीका पथरी का कारण बन सकता है. भूखे रहने की गलती नहीं करनी चाहिए.

Khabar Monkey

ऑयली फूड न खाएं- हर समय ऑयली यानी तला-भुना फूड्स न खाएं. इसके अलावा प्रोसेस्ड चीजें भी पित्त में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकती हैं. समोसा, पकौड़े, पिज्जा और बर्गर जैसी चीजों को इग्नोर करना बेस्ट है.

फाइबर है जरूरी- ओट्स, दालें, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज ज्यादा खाएं क्योंकि इनमें फाइबर होता है. टाइम पर खाना खाएं और ब्रेकफास्ट को स्किप न करें. इस गलती की वजह से डायबबिटीज के होने का खतरा बढ़ जाता है.

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