आईसीएमआर ने कहा है कि देश में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के मामले किसी नए वायरस या नए स्ट्रेन के कारण नहीं हैं. मौजूदा एच1एन1 वायरस पुराना और जानापहचाना मौसमी वैरिएंट है, जो वर्ष 2025 से प्रचलन में है. इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. आईसीएमआर के अनुसार, मौजूदा इन्फ्लुएंजा वैक्सीन एच1एन1 वायरस के खिलाफ प्रभावी है. हालांकि, कोविड वैक्सीन की तरह फ्लू वैक्सीन सभी लोगों के लिए अनिवार्य नहीं है. बाजार में फ्लू की दोतीन वैक्सीन उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से इन्हें लिया जा सकता है.

मौसम में बदलाव और मानसून के दौरान सांस से फैलने वाले संक्रमणों की सक्रियता बढ़ने के कारण एच1एन1 के मामलों में इजाफा देखा गया. इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में मरीज उचित आराम और इलाज से चारपांच दिनों में ठीक हो जाते हैं.
ये लोग ज्यादा सावधानी बरतें
आईसीएमआर ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टर सुचिन बजाज का कहना है कि 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इंफ्लुएंजा को हल्के में नहीं लेना चाहिए. खासकर अगर साथ में डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी की बीमारी, अस्थमा या सीओपीडी जैसी कोई बीमारी पहले से हो.
फ्लू के खिलाफ कैसी है तैयारी
आईसीएमआर के मुताबिक, देश में एच1एन1 के मामले कुछ समय पहले बढ़े थे, लेकिन अब इनमें धीरेधीरे कमी आ रही है. दिल्ली में भी पिछले चारपांच सप्ताह के दौरान संक्रमण के मामले ज्यादा रहे, हालांकि पिछले करीब दो सप्ताह में मामलों में गिरावट देखी गई है. इस सप्ताह के आंकड़ों का अभी इंतजार है. आईसीएमआर ने बताया कि दिल्ली के 73 अस्पतालों में फ्लू की निगरानी की जा रही है. लैब में नियमित रूप से सैंपल की जांच की जा रही है और हर सप्ताह करीब 25 सैंपल की टेस्टिंग की जा रही है.
फ्लू के दिल्ली में 650 मामले
राजधानी दिल्ली में अब तक करीब 650 फ्लू के मामले दर्ज किए गए हैं. आईसीएमआर के मुताबिक, सामान्य फ्लू के लक्षण होने पर हर व्यक्ति को तुरंत टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है. लोगों को पैनिक करने की जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.
बचाव के लिए सलाह
दिन में कई बार हाथ साबुन से धोएं.
खांसीजुकाम से पीड़ित लोगों से उचित दूरी बनाए रखें.
खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकें.
बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी वाले लोग विशेष सावधानी बरतें.
लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
आईसीएमआर का कहना है कि फिलहाल H1N1 को लेकर ज्यादा चिंता या घबराने की जरूरत नहीं है. जिन्हें फ्लू के लक्षण महसूस हो रहे हैं वो मास्क पहनकर रखें. साथ ही लोगों से थोड़ी दूरी बनाकर चलें.