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GST में टैक्स रेट नहीं बदले, फिर भी आए 10 बड़े बदलाव, जानें किसे फायदा​

जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन जीएसटी व्यवस्था को सरल, तेज और अधिक स्वचालित बनाने के लिए कई अहम प्रक्रिया सुधारों को आगे बढ़ाया गया. परिषद ने पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट, कारोबार बंद करने, माल परिवहन और ईकॉमर्स से जुड़े नियमों में बदलावों पर […]

जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन जीएसटी व्यवस्था को सरल, तेज और अधिक स्वचालित बनाने के लिए कई अहम प्रक्रिया सुधारों को आगे बढ़ाया गया. परिषद ने पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट, कारोबार बंद करने, माल परिवहन और ईकॉमर्स से जुड़े नियमों में बदलावों पर जोर दिया.

दोदर वाली व्यवस्था के एक साल में कर आधार बढ़ा

जीएसटी की दोदर वाली व्यवस्था के एक वर्ष में कर योग्य आपूर्ति 40.19 लाख करोड़ रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 50.58 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 25.8 प्रतिशत की वृद्धि है. उपभोक्ताओं को रिपोर्ट की गई आपूर्ति भी 5.98 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.58 लाख करोड़ रुपये प्रतिमाह हो गई. वहीं सकल कर देनदारी 13.6 प्रतिशत बढ़कर 6.64 लाख करोड़ रुपये प्रतिमाह पहुंच गई. घरेलू आपूर्ति पर प्रभावी कर दर 14.55 प्रतिशत से घटकर 13.13 प्रतिशत रह गई.

तीन दिन में मिलेगा कम जोखिम वाले कारोबारियों को पंजीकरण

कम जोखिम वाले आवेदकों और ऐसे कारोबारियों, जिनकी पंजीकृत कारोबारियों को आपूर्ति पर आउटपुट टैक्स देनदारी 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं है, को सिस्टम के जरिए तीन कार्यदिवस में पंजीकरण देने की व्यवस्था जारी रहेगी. अभी 61 प्रतिशत पंजीकरण इसी स्वचालित माध्यम से हो रहे हैं. पंजीकरण संशोधन में व्यापार नाम, निदेशक/साझेदार या अतिरिक्त कारोबार स्थल के पते जैसे बदलाव भी स्वत: स्वीकार किए जाएंगे.

रिफंड प्रक्रिया होगी तेज

रिफंड दावे की स्वीकृति या कमी संबंधी सूचना जारी करने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी. 10 दिन में दोनों में से कोई कार्रवाई नहीं होने पर दावा स्वीकृत माना जाएगा. जोखिम आकलन के आधार पर 90 प्रतिशत रिफंड राशि सिस्टम द्वारा मंजूर की जाएगी और आदेश तीन कार्यदिवस में जारी होगा. नकद लेजर में अतिरिक्त राशि की वापसी पूरी तरह स्वचालित की जाएगी.

ईमानदार खरीदार के इनपुट टैक्स क्रेडिट पर समिति करेगी अध्ययन

उचित चालान रखने, माल प्राप्त करने और आपूर्तिकर्ता को पूरा भुगतान करने वाले ईमानदार खरीदार को इनपुट टैक्स क्रेडिट से वंचित होने से बचाने के मुद्दे पर अधिकारियों की समिति गठित की जाएगी. समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी और अगली परिषद बैठक में इस पर एजेंडा रखा जाएगा.

कर्मचारियों के बीमा समेत कई खर्चों पर मिलेगा क्रेडिट

कर्मचारियों के लिए लिए गए स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होगा. टेलीकॉम टावर, फैक्टरी के बाहर बिछाई गई पाइपलाइन, नि:शुल्क नमूने तथा कानूनन नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर्ड स्टॉक से जुड़े मामलों में भी क्रेडिट का प्रावधान किया गया है.

एक ही सेवा पर दोहरी कराधान से राहत

एक ही कारोबार श्रृंखला में दोबारा खरीदी और बेची जाने वाली सेवा पर दो बार कर नहीं लगेगा. होटल में 7,500 रुपये तक का कमरा एजेंट के जरिए बुक करने, रेस्तरां एवं कैटरिंग तथा यात्री परिवहन जैसी सेवाओं को इसका लाभ मिलेगा.

छोटे कारोबारियों के लिए सालाना रिटर्न का प्रस्ताव

5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले और केवल उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने वाले करदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. इसके तहत साल में एक बार रिटर्न दाखिल और तिमाही आधार पर कर भुगतान किया जा सकेगा. विस्तृत व्यवस्था अगली परिषद बैठक में लाई जाएगी.

माल ढुलाई में रास्ते के हर राज्य में जांच से राहत

अब माल ले जा रहे वाहन को केवल विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर रोका जा सकेगा और इसके लिए संयुक्त आयुक्त या उससे ऊपर के अधिकारी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी. माल की जांच केवल उस राज्य में होगी जहां से माल चला है और जिस राज्य में पहुंचना है. बीच के राज्यों में वाहन रोककर जांच नहीं की जाएगी.

जीएसटी में गिरफ्तारी का प्रावधान हटेगा

जीएसटी कानून में गिरफ्तारी की शक्ति हटाने का प्रस्ताव किया गया है. अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये की जाएगी. न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाकर सजा तय करने का अधिकार न्यायालय के विवेक पर छोड़ा जाएगा. सामान्य जुर्माने की अधिकतम राशि भी 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये की जाएगी.

सेवा निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

विदेशी ग्राहक के लिए भारत में उसके माल पर परीक्षण, मरम्मत, प्रमाणन, शोध या प्रोसेसिंग जैसी सेवाओं को निर्यात सेवा का दर्जा देने का प्रावधान किया गया है, भले ही माल भारत से बाहर न जाए. विदेश में अपनी शाखा के माध्यम से विदेशी ग्राहक को सेवा देने वाली भारतीय कंपनियों को भी निर्यात लाभ मिलेगा.

छोटे ईकॉमर्स विक्रेताओं के लिए आसान होगा कारोबार

ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे राज्यों में सामान बेचने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान की जाएगी. प्लेटफॉर्म के दूसरे राज्य में स्थित वेयरहाउस को उसकी सहमति से कारोबारी के प्रमुख कारोबार स्थल के रूप में घोषित किया जा सकेगा. इससे छोटे विक्रेताओं को बड़े प्लेटफॉर्म विक्रेताओं के मुकाबले देशभर में कारोबार करने में सुविधा मिलेगी.

इस बैठक में जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं

परिषद की 57वीं बैठक में जीएसटी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. दरों की समीक्षा अब साल में एक बार, इसके लिए निर्धारित विशेष बैठक में की जाएगी. इस बैठक का मुख्य फोकस पिछले साल के बदलावों के बाद बची प्रक्रियागत विसंगतियों और अस्पष्टताओं को दूर करना रहा.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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