शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार खबर है. दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में जल्द ही एक बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है. फर्म का कहना है कि जून 2027 तक निफ्टी 50 इंडेक्स 26,500 के नए ऐतिहासिक स्तर को छू लेगा, जो इसके मौजूदा रिकॉर्ड हाई से काफी ऊपर है. कमोडिटी की घटती कीमतें, स्थिर होता रुपया, शानदार कॉरपोरेट अर्निंग और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार ने भारतीय बाजार का आउटलुक पूरी तरह से बदल दिया है. मौजूदा स्तर से निफ्टी में करीब 10 फीसदी की और तेजी की उम्मीद जताई जा रही है.

मजबूत घरेलू ग्रोथ से बदली बाजार की तस्वीर
हाल के दिनों में भारत के व्यापक आर्थिक परिदृश्य में जो सुधार दिखा है, उसने बाजार का मूड पूरी तरह बदल दिया है. गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, कमोडिटी की कीमतों में गिरावट, रुपये की स्थिरता और सबसे अहम, हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर ने भारतीय बाजार के आउटलुक को नई ताकत दी है. कुछ समय पहले तक निवेशकों को आर्थिक सुस्ती का डर सता रहा था, लेकिन अब घरेलू सेक्टर्स में तेजी और दूसरी तिमाही में कंपनियों की शानदार कमाई की उम्मीदों ने माहौल को सकारात्मक बना दिया है. इसी बेहतरीन ‘इकोनॉमिक रिकवरी’ को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म को भरोसा है कि अब निवेशक इस आर्थिक सुधार को ध्यान में रखते हुए अपना निवेश बढ़ाएंगे.
विदेशी निवेशकों की वापसी का रास्ता साफ
बीते कुछ महीने रिटेल निवेशकों के लिए थोड़े चिंताजनक रहे, क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से जमकर पैसा निकाला. ग्लोबल निवेशकों ने साल 2026 की पहली छमाही में भारतीय बाजार को एक ‘फंडिंग मार्केट’ की तरह इस्तेमाल किया और महज साढ़े तीन महीने के भीतर लगभग 30 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेच डाले. लेकिन, अब यह ट्रेंड बदल रहा है.
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, विदेशी बिकवाली का सबसे बुरा दौर अब खत्म हो चुका है. मध्य जून के बाद से विदेशी निवेशकों ने एक बार फिर भारतीय बाजार का रुख किया है और करीब 2 अरब डॉलर का निवेश किया है. यह निवेश मुख्य रूप से फाइनेंशियल शेयरों में आया है. चूंकि ग्लोबल फंड्स के पास अभी भी भारतीय शेयरों में निवेश की काफी गुंजाइश है, ऐसे में जैसेजैसे घरेलू अर्थव्यवस्था की तस्वीर और साफ होगी, बाजार में विदेशी पैसों की बारिश फिर से तेज हो सकती है.
बाजार में किन शेयरों का चलेगा सिक्का?
इस साल की दूसरी छमाही में बाजार का मिजाज बदलने वाला है. ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अब निवेशक ‘ग्रोथ शेयरों’ के बजाय ‘वैल्यू शेयरों’ की तरफ ज्यादा ध्यान देंगे. जिन शेयरों का वैल्युएशन अभी आकर्षक है और जो काफी समय से अंडरपरफॉर्म कर रहे थे, उनमें अब तगड़ा उछाल आ सकता है.
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा लार्जकैप कंपनियों और बैंकिंग सेक्टर को मिलने की उम्मीद है. गोल्डमैन सैक्स ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे मिडकैप के बजाय लार्जकैप, और ग्रोथ के बजाय वैल्यू शेयरों पर दांव लगाएं. इसके अलावा, एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के मुकाबले उन कंपनियों पर फोकस करना ज्यादा फायदेमंद होगा जिनका पूरा बिजनेस भारत की घरेलू डिमांड पर टिका है.
मुनाफे की उम्मीद जगाते 15 दिग्गज शेयर
आने वाले समय के लिए गोल्डमैन सैक्स ने डिफेंस और एनर्जी सिक्योरिटी थीम को स्ट्रक्चरल रूप से बेहद मजबूत बताया है. इसके साथ ही, फर्म ने यूटिलिटी, बैंक, टूरिज्म, टीएमटी और एनर्जी रिफाइनरी सेक्टर पर अपना दांव बढ़ाया है.
इन दमदार सेक्टर्स को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज ने 15 ऐसे लार्जकैप शेयरों की लिस्ट जारी की है, जो इस तेजी के सबसे बड़े लाभार्थी बन सकते हैं. इन टॉप पिक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज , एचडीएफसी बैंक , अडानी एंटरप्राइजेज , अडानी पावर , कोटक महिंद्रा बैंक , और एनटीपीसी शामिल हैं. इसके अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स , इटरनल , पावर ग्रिड कॉर्प , अडानी ग्रीन , इंटरग्लोब एविएशन , एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस , इंडियन होटल्स , मझगांव डॉक और मेकमायट्रिप को भी इस लिस्ट में खास जगह दी गई है.
मार्च की निराशा के बाद बाजार में लौटा भरोसा
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय बाजार को लेकर अपनी रेटिंग घटा दी थी. तब फर्म ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों का हवाला देते हुए निफ्टी का टारगेट कम कर दिया था. उन्हें डर था कि ‘एनर्जी शॉक’ के कारण कंपनियों के मुनाफे में गिरावट आ सकती है. लेकिन, अब हालात तेजी से सुधरे हैं. तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू मोर्चे पर मजबूत विकास दर ने उन सारी चिंताओं को पीछे छोड़ दिया है, जिससे बाजार में एक बार फिर से लंबी रेस की बुनियाद तैयार हो गई है.