उम्र बढ़ने के साथ पीठ का दर्द (Back Pain) और रीढ़ की हड्डी में कमजोरी आना एक आम समस्या बन जाती है। हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस समीरा रेड्डी ने एक वीडियो शेयर कर उन 5 बेसिक कोर एक्सरसाइज को दिखाया है, जो शरीर के पोश्चर और पीठ को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं। Sameera Reddy का मानना है कि मजबूत कोर सिर्फ शरीर को शेप देने के लिए नहीं होता, बल्कि यह पोस्चर, बैलेंस, लोअर बैक और रोजमर्रा की गतिविधियों को भी सपोर्ट करती है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ बेसिक कोर एक्सरसाइज साझा कीं, जो महिलाओं की स्थिरता बढ़ाने, ताकत सुधारने, चोट के खतरे को कम करने और हर फिटनेस स्तर पर बेहतर कंट्रोल बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या बिना किसी ट्रेनर के इन एक्सरसाइज को घर पर करना सुरक्षित है? आइए, सेलिब्रिटी फिटनेस के इस सीक्रेट के साथ जानते हैं फिटनेस एक्सपर्ट्स की राय कि इन्हें करने का सही तरीका और नियम क्या हैं।

क्या ये एक्सरसाइज वास्तव में फायदेमंद हैं?
लिट फिट डांस एंड फिटनेस स्टूडियो की संस्थापक फिटनेस एक्सपर्ट अनामिका लालवानी बताती हैं कि शरीर का कोर उसका पावर हाउस है, और इसकी मजबूती बनाए रखना समग्र स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण है। वह कहती हैं कि कोर शरीर की हर गतिविधि की नींव है। चाहे आप बैठ रहे हों, खड़े हों, झुक रहे हों या वजन उठा रहे हों, मजबूत कोर हर काम में शरीर को सपोर्ट करती है। यह सिर्फ एब्स बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि स्थिरता, संतुलन और रीढ़ की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। मजबूत कोर चोटों से बचाने, पोस्चर सुधारने और वर्कआउट व रोजमर्रा की गतिविधियों में प्रदर्शन बेहतर करने में मदद करती है।
समीरा ने कौन सी एक्सरसाइज कोर के लिए बताई हैं जरूरी
ग्लूट ब्रिज (Glute Bridges)
Glute Bridge एक आसान एक्सरसाइज है, जो कूल्हों और हिप्स की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए की जाती है। इसमें पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ते हैं और फिर हिप्स को ऊपर उठाया जाता है, ताकि शरीर कंधों से घुटनों तक सीधी लाइन में आ जाए।
ध्यान रखने वाली बातें
इस एक्सरसाइज को करते समय घुटनों को मोड़कर एंकल्स की सीध में रखें।
हिप उठाते समय ग्लूट्स को टाइट रखें
लोअर बैक को ज्यादा मोड़ने से बचें
Khabar Monkey
सुपाइन हील ड्रॉप्स
यह एक्सरसाइज पीठ के बल लेटकर और घुटनों को 90 डिग्री पर मोड़ कर की जाती है। इसमें बारी-बारी से एक एड़ी को नीचे फर्श तक ले जाया जाता है, जबकि लोअर बैक जमीन से सटा रहता है। इससे पेट की गहरी मांसपेशियां एक्टिव होती हैं और कमर को स्थिरता मिलती है।
ध्यान रखने वाली बातें:
- याद रखें कि इस एक्सरसाइज को धीरे और कंट्रोल के साथ मूव करें
- एड़ी नीचे लाते समय सांस छोड़ें
- गर्दन न्यूट्रल और कंधे रिलैक्स रखें
नी-असिस्टेंट साइड प्लैंक (Knee-Assisted Side Planks)
Side Plank एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो पेट और कमर की साइड वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। यह कोर मसल्स को स्थिर रखने में मदद करती है, जिससे शरीर का बैलेंस और ताकत बेहतर होती है।ध्यान रखने वाली बातें:
नी-असिस्टेड साइड प्लैंक एक्सरसाइज को करते समय सिर से घुटनों तक शरीर को सीधी लाइन में रखें
हिप्स को फर्श से ऊपर की ओर उठाकर रखें
कंधों पर ज्यादा दबाव न डालें
नी-असिस्टेंट स्कैपुला पुश-अप्स (Knee-Assisted Scapula Push-Ups)
पुश-अप्स ऊपरी शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए फायदेमंद होते हैं। इससे ट्राइसेप्स, छाती और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा सही तरीके से किए गए पुश-अप्स स्कैपुला और पीठ की रॉम्बॉइड मसल्स को भी एक्टिव करते हैं, जो अक्सर कम इस्तेमाल होती हैं। इससे पोस्चर सुधारने में मदद मिलती है।
नी-असिस्टेंट स्कैपुला पुश-अप्स करते समय इन बातों का रखें ध्यान:
- घुटनों को जमीन पर टिकाकर शरीर को सिर से घुटनों तक सीधी लाइन में रखें।
- हाथों को कंधों के ठीक नीचे रखें और कोहनियों को लॉक न करें।
- मूवमेंट के दौरान सिर्फ कंधों को आगे-पीछे करें, कमर को नीचे न गिरने दें।
- गर्दन को न्यूट्रल रखें, ऊपर या नीचे ज्यादा न देखें।
- पेट और कोर मसल्स को टाइट रखें ताकि शरीर स्थिर रहे।
- धीरे और कंट्रोल के साथ एक्सरसाइज करें, झटके से मूवमेंट न करें।
- सांस लेते हुए छाती को नीचे जाने दें और सांस छोड़ते हुए शरीर को ऊपर की ओर पुश करें।
- अगर कंधों या कलाई में दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं और एक्सपर्ट की सलाह लें।
बर्ड डॉग (Bird Dogs)
यह भी एक असरदार कोर स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज है। इसमें एक हाथ और विपरीत पैर को फर्श के समानांतर उठाया जाता है। संतुलन बनाए रखने के लिए कोर को टाइट रखना जरूरी होता है। एक सेकंड रुकने के बाद दूसरी तरफ यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। हाथ और पैर को सीधा उठाकर 3 से 5 सेकंड तक रोकें (hold करें), फिर पुरानी स्थिति में आएं।
ध्यान रखें कि पेल्विस किसी एक तरफ न झुके। कुल मिलाकर, कोर एक्सरसाइज पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने, पाचन को सपोर्ट करने और शरीर के अंदरूनी अंगों को सही स्थिति में बनाए रखने में मदद करती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों से मिली राय पर आधारित है। कोई भी नई फिटनेस रूटीन शुरू करने से पहले अपने फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।





