
नोएडा की ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अदालत में जमानत अर्जी दायर कर अपने और अपने परिवार पर लगे प्रताड़ना के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। गिरिबाला सिंह का दावा है कि उनकी बहू ड्रग्स की आदी थी और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। सोमवार को भोपाल जिला अदालत में दायर अपनी जमानत याचिका में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत से जुड़े कई दावे किए हैं: याचिका के मुताबिक, ट्विशा ने 12 मई को रात करीब 10 बजे भोपाल स्थित घर की छत पर लगी लोहे की छड़ों से लटककर अपनी जान दे दी थी। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को शादी के बाद जब ट्विशा भोपाल आई, तो उसके व्यवहार में अजीब बदलाव देखे गए। दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच वह पांच बार अपने मायके गई। इस दौरान उसमें हाथ कांपने, अत्यधिक चिड़चिड़ेपन और अचानक मूड बदलने जैसे लक्षण दिखे, जो ड्रग्स न मिलने (विड्रॉल सिंड्रोम) के कारण हो सकते हैं। याचिका में कहा गया है कि 17 अप्रैल को जब अस्पताल में ट्विशा की गर्भावस्था (Pregnancy) की पुष्टि हुई, तो वह और अधिक परेशान हो गई। उसने कहा कि वह गृहिणी की भूमिका नहीं निभा सकती और उसी दिन नोएडा के लिए निकल गई। बचाव पक्ष ने 18 अप्रैल को दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचने के बाद उसके सीधे घर न जाने और मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।
ट्विशा के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर धरना दिया और न्याय की मांग की। सोमवार को दायर अपनी ज़मानत अर्जी में, भोपाल ज़िला अदालत की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा की नशीले पदार्थों पर निर्भरता और उसकी मानसिक परेशानी ने उसकी मौत से पहले की घटनाओं में भूमिका निभाई। अपनी मौत के समय ट्विशा शर्मा गर्भवती थीं। ज़मानत अर्जी में, गिरिबाला सिंह ने कहा कि ट्विशा ने 12 मई को रात करीब 10 बजे आत्महत्या कर ली; उन्होंने आरोप लगाया कि उसने परिवार के घर की छत पर लगी लोहे की छड़ों से लटककर अपनी जान दे दी। उन्होंने बताया कि ट्विशा ने उनके बेटे, समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को शादी की थी, और यह रिश्ता एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के ज़रिए तय हुआ था। शादी दिल्ली में हुई थी, और उसके बाद ट्विशा नोएडा में अपनी पुरानी ज़िंदगी छोड़कर भोपाल आकर बस गई थी।
‘ट्विशा का बर्ताव बदल गया था’
अर्जी में कहा गया है कि शादी से पहले, ट्विशा एक फ़िल्म अभिनेत्री और मॉडल के तौर पर काम करती थी, और उसने तेलुगू तथा अन्य क्षेत्रीय फ़िल्मों के साथ-साथ विज्ञापनों में भी काम किया था। इसमें यह भी बताया गया है कि वह दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी और शादी के बाद भी घर से ही काम करती रही। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के परिवार के साथ रहने आने के कुछ ही समय बाद, उन्होंने उसके बर्ताव में कुछ ऐसे बदलाव देखे, जिनसे उन्हें लगा कि वह शायद नशीले पदार्थों का सेवन कर रही है। याचिका के अनुसार, ट्विशा दिसंबर 2025 और मई 2026 के बीच पाँच बार अपने माता-पिता के घर और दूसरी जगहों पर गई थी। इन दौरों के दौरान, परिवार ने कथित तौर पर कुछ लक्षण देखे, जिनमें हाथों का काँपना, चिड़चिड़ापन और अचानक मूड बदलना शामिल था। गिरिबाला ने दावा किया कि ये लक्षण तब दिखाई देते थे जब ट्विशा को ड्रग्स नहीं मिल पाती थी, जिसे उन्होंने ‘विड्रॉल’ (नशा न मिलने पर होने वाली बेचैनी) के लक्षण बताया।
याचिका में आगे कहा गया है कि जब इस मुद्दे पर ट्विशा के पिता से बात की गई, तो उन्होंने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि वह ऐसे नशीले पदार्थों का सेवन करती थी। गिरिबाला ने अदालत को यह भी बताया कि 17 अप्रैल को भोपाल के एक अस्पताल में जाँच के दौरान जब ट्विशा को पता चला कि वह गर्भवती है, तो उसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने दावा किया कि गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद ट्विशा का व्यवहार काफ़ी बदल गया था और वह काफ़ी परेशान नज़र आ रही थी। याचिका के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद, ट्विशा ने अपना सामान पैक किया और परिवार से कहा कि वह नोएडा वापस जाना चाहती है, क्योंकि वह अब एक गृहिणी की भूमिका नहीं निभा सकती। याचिका में कहा गया है कि ट्विशा उसी दिन भोपाल से निकल गई और 18 अप्रैल को हवाई जहाज़ से दिल्ली पहुँची। गिरिबाला ने आरोप लगाया कि दिल्ली पहुँचने के बाद ट्विशा सीधे घर नहीं गई और उसने घर पहुँचने में हुई देरी का कोई कारण भी नहीं बताया। बचाव पक्ष ने इसी बात का हवाला देते हुए ट्विशा की मौत से पहले उसकी गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
गिरिबाला सिंह और उनके परिवार पर लगे आरोप
ज़मानत याचिका में किए गए ये दावे ऐसे समय सामने आए हैं, जब ट्विशा के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्विशा के परिवार ने उसके पति और ससुराल वालों पर लंबे समय से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उसके रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे नौकरी करने और गर्भावस्था को लेकर काफ़ी दबाव डाला गया था। उन्होंने पुलिस की जाँच पर भी सवाल उठाते हुए, दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाने और अदालत की निगरानी में जाँच करवाने की माँग की है। ट्विशा के परिवार ने किसी साज़िश की आशंका भी जताई है। उनका दावा है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और हो सकता है कि सबूतों को मिटा दिया गया हो। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जाँच दल (SIT) इस मौत और उससे जुड़े आरोपों की जाँच कर रहा है। हालाँकि गिरिबाला सिंह ने अब ज़मानत याचिका के माध्यम से अपना बचाव पक्ष अदालत के सामने रख दिया है, लेकिन यह मामला अभी भी जाँच के दायरे में है। पुलिस दोनों परिवारों के दावों की जाँच कर रही है, जिसके चलते पति और ससुराल वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।
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