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कानपुर कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: ससुर की मौत पर रोती रही बहू.. अब हुई गिरफ्तार, 21 दिन में 330 कॉल ने बढ़ाया शक, जांच में सामने आई ये कहानी​

Kanpur Businessman Murder Case: के इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि ससुर से नाराज शालू ने उनकी हत्या के लिए पूर्व कर्मचारी विशाल को 6 लाख रुपए की सुपारी दी […]

Kanpur Businessman Murder Case: के इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि ससुर से नाराज शालू ने उनकी हत्या के लिए पूर्व कर्मचारी विशाल को 6 लाख रुपए की सुपारी दी थी।

क्या है पूरा मामला?

कानपुर के कल्याणपुर स्थित इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की शनिवार देर रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने फ्लैट में घुसकर उन पर चाकू से 26 से ज्यादा वार किए। वारदात के समय विनीत घर में अकेले थे। रविवार तड़के करीब 4 बजे जब उनका बेटा और बहू पार्टी से वापस लौटे, तब हत्या का पता चला। घर के अंदर का मंजर देखकर परिवार में चीखपुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में विनीत का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर फ्लैट में जाते और कुछ देर बाद बाहर निकलते दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की और रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के पैर में गोली लगी थी।

आरोपियों ने क्या कहा? 

पूछताछ में दोनों आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वारदात बहू शालू के कहने पर की गई थी। हालांकि, हत्या की पूरी वजह और साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, इसे लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। विनीत मिनोचा रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल के फ्लैट नंबर सी104 में रहते थे। शहर के बड़े दवा कारोबारियों में उनकी पहचान थी। उनकी हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।

ससुर की मौत पर रोती रही बहू

विनीत की हत्या के बाद जब उनका बेटा और बहू घर पहुंचे, तो घर के अंदर का नजारा बेहद भयावह था। परिवार के लोग बदहवास थे और बहू शालू भी ससुर की मौत पर फूटफूटकर रोती नजर आईं। उनके रोने और सदमे के वीडियो भी सामने आए। उस वक्त तक यही माना जा रहा था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने घर में घुसकर बुजुर्ग दवा कारोबारी की हत्या कर दी।

लेकिन पुलिस ने शुरुआती भावनात्मक तस्वीरों से आगे बढ़कर मामले की बारीकी से जांच शुरू की। अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, गार्ड से पूछताछ हुई और यह पता लगाया गया कि वारदात से पहले और बाद में फ्लैट में कौनकौन आया था। जांच के दौरान पुलिस ने विनीत के पुराने कर्मचारियों और परिवार से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटाई। इसी पड़ताल में विशाल गौतम का नाम सामने आया। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से जांच की दिशा धीरेधीरे बदलने लगी।

नाराज थी शालू  

पुलिस के अनुसार, घर में लगे सीसीटीवी कैमरों और हर खर्च का हिसाब लिए जाने को लेकर शालू नाराज थी। इसी कारण  से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, शालू ने अब तक अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। इस मामले में पुलिस ने शालू के अलावा पूर्व कर्मचारी विशाल और उसके साथी राजकिशोर को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, शालू के पति सुब्रत की भूमिका की पुलिस अभी जांच कर रही है।

तकिए से मुंह दबाने की बनाई थी योजना

डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, पूछताछ में यह बात सामने आई कि शालू ने विशाल से कहा था कि जब विनीत अपने कमरे में सो जाएं तो तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या कर देना।  इसके बाद इसे हार्ट अटैक से हुई मौत बताने की योजना थी। पुलिस के अनुसार, शालू और उसके पति सुब्रत के घर लौटने के बाद मौत को स्वाभाविक बताकर लोगों को गुमराह करने की योजना बनाई गई थी।

लेकिन दोनों हमलावरों से एक बड़ी चूक हो गई। विशाल और राजकिशोर दंपती के बेडरूम में दरवाजे के पीछे छिपे थे। ऑटोमेटिक लॉक सिस्टम के कारण दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हो सका।

कमरे में पहुंचे विनीत तो सामने आ गए हमलावर

पुलिस ने बताया कि, विनीत अपने कमरे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बेटे के कमरे के अधखुले दरवाजे और अंदर जल रही लाइट पर पड़ी। लाइट बंद करने के लिए जैसे ही वह कमरे में पहुंचे, उनका सामना दोनों आरोपियों से हो गया।।पुलिस का दावा है कि इसके बाद विशाल ने चाकू से विनीत पर हमला किया, जबकि राजकिशोर ने उन्हें पकड़ रखा था। हमले में विनीत की मौत हो गई।

21 दिन में करीब 330 बार हुई फोन पर बात

हत्याकांड की जांच में पुलिस को आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल से भी अहम जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले के करीब 21 दिनों में शालू और विशाल के बीच लगभग 30 बार, जबकि शालू के पति सुब्रत और विशाल के बीच करीब 300 बार फोन पर बातचीत हुई।
इस तरह दोनों की विशाल से कुल करीब 330 कॉल की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बातचीत किस सिलसिले में हुई थी और क्या इनमें हत्या की कथित साजिश से जुड़ी कोई बात हुई थी। हालांकि, केवल कॉल की संख्या से बातचीत की प्रकृति तय नहीं होती। पुलिस इन रिकॉर्ड को दूसरे सबूतों और आरोपियों के बयानों के साथ जोड़कर जांच कर रही है।

सुब्रत ने बताया छोटेमोटे काम करता था विशाल

कॉल डिटेल को लेकर पूछताछ किए जाने पर सुब्रत ने पुलिस को बताया कि विशाल पहले उनके परिवार के साथ काम कर चुका था और वह उसके छोटेमोटे काम करता था। इसी वजह से दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। पुलिस अब सुब्रत के इस दावे की भी दूसरे साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। फिलहाल उसकी हत्या में भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है और उसे गिरफ्तार भी नहीं किया गया है।

गार्ड को बताया था विशाल का दूसरा नाम

जांच में यह बात भी सामने आई कि अपार्टमेंट के गार्ड को विशाल का नाम ‘शुभम’ बताया गया था। पुलिस के अनुसार, शालू ने गार्ड से कहा था कि शुभम बुके लेकर आएगा और उसे फ्लैट तक भेज दिया जाए। पुलिस का कहना है कि इस तरह विशाल की पहचान छिपाने की कोशिश की गई। बुके पहुंचाने के कुछ समय बाद शालू और सुब्रत अपने बेटे के साथ पार्टी के लिए निकल गए थे। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों हमलावर भी वहां से चले गए।

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घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाने का भी दावा

पुलिस की जांच में घर की डुप्लीकेट चाबी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मूल चाबी के आधार पर एक डुप्लीकेट चाबी बनवाई गई थी। विशाल पहले परिवार के यहां काम कर चुका था, इसलिए पुलिस का मानना है कि उसे घर और परिवार की दिनचर्या की जानकारी थी। अब जांच इस बात पर अटक गई है कि डुप्लीकेट चाबी किसके कहने पर बनवाई गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

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पुलिस के सामने रखे गए कई सवाल

विशाल और राजकिशोर के बयानों में शालू का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में शालू ने हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसके सामने कॉल डिटेल और अन्य सबूत रखे। परिवार के कुछ सदस्यों और सिक्योरिटी गार्ड की मौजूदगी में भी उससे पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान शालू ने कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि, शालू की ओर से अपराध स्वीकार करने की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, आरोपियों के बयानों और अन्य कड़ियों को जोड़कर पूरे हत्याकांड की जांच कर रही है।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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