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गंगा किनारे खतरे में कानपुर के 40 परिवार, मिट्टी धंसी तो अपार्टमेंट में आईं दरारें… जाजमऊ की पूरी कहानी​

Kanpur News: नेपाल में नदी किनारे हुए हादसों की तस्वीरों के बीच कानपुर के जाजमऊ से भी चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है. लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा की ओर मिट्टी खिसकने से मक्कू सईद भट्ठा क्षेत्र स्थित शकीना अपार्टमेंट की पिछली बाउंड्री ढह गई. इसके साथ ही भवन के कुछ हिस्सों […]

Kanpur News: नेपाल में नदी किनारे हुए हादसों की तस्वीरों के बीच कानपुर के जाजमऊ से भी चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है. लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा की ओर मिट्टी खिसकने से मक्कू सईद भट्ठा क्षेत्र स्थित शकीना अपार्टमेंट की पिछली बाउंड्री ढह गई. इसके साथ ही भवन के कुछ हिस्सों में दरारें आने की बात सामने आई है. अपार्टमेंट में रहने वाले 40 से ज्यादा परिवार अब किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शकीना अपार्टमेंट गंगा से बेहद करीब बना है. बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से किनारे की मिट्टी लगातार कट रही थी. गुरुवार सुबह अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा दरक गया और अपार्टमेंट की गंगा की तरफ बनी पूरी बाउंड्री गिर गई. इसके बाद लोगों ने भवन में भी दरारें देखीं। मक्कू सईद भट्ठा इलाके में बना यह अपार्टमेंट करीब तीन मंजिला है. यहां 45 से अधिक फ्लैट बताए जा रहे हैं और वर्तमान में 40 से ज्यादा परिवार रह रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इमारत वर्ष 2011 के आसपास बनाई गई थी. उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान गंगा किनारे भवन बनाने से जुड़े मानकों की अनदेखी की गई.

सबसे बड़ी चिंता अब गंगा की कटान को लेकर है. लोगों को डर है कि यदि इसी तरह मिट्टी कटती रही तो बाउंड्री के बाद भवन का आधार भी प्रभावित हो सकता है. हालांकि, खतरे की आशंका के बावजूद ज्यादातर लोग खुलकर सामने आने से बच रहे हैं. अपार्टमेंट में रहने वाले कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें डर है कि प्रशासन को जानकारी मिली तो इमारत खाली करा दी जाएगी. ऐसे में बारिश के मौसम में वे परिवार और सामान लेकर कहां जाएंगे, यह उनके लिए बड़ा सवाल है. इसी वजह से कई लोग जोखिम के बावजूद फ्लैट खाली करने को तैयार नहीं हैं.

‘बिल्डर ने पूरी जानकारी दिए बिना लोगों को फ्लैट बेच दिए’

स्थानीय लोगों ने ये भी दावा किया कि फ्लैट खरीदने के बाद उन्हें पता चला था कि गंगा किनारे निर्माण को लेकर नियमों का सवाल उठता रहा है. उनका आरोप है कि बिल्डर ने पूरी जानकारी दिए बिना लोगों को फ्लैट बेच दिए. नियमों के मुताबिक, गंगा से 200 मीटर तक कोई निर्माण नहीं कराया जा सकता.

फिलहाल, सबसे जरूरी सवाल सुरक्षा का है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते गंगा की तरफ हो रहे कटाव को रोकने और भवन की स्थिति की तकनीकी जांच कराने की जरूरत है. अगर मिट्टी का कटाव आगे भी जारी रहा तो बाउंड्री गिरने के बाद अपार्टमेंट के दूसरे हिस्से पर भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीच, यहां रहने वाले परिवार हर बारिश के साथ किसी अनहोनी की आशंका में रात काट रहे हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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