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फीस दी, 4 साल पढ़ाई की… बरेली में कॉलेज ने छात्रों को थमा दी फर्जी मार्कशीट​

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित खुसरो कॉलेज से बी.फार्मा की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि चार साल तक पढ़ाई करने और परीक्षा देने के बाद कॉलेज की ओर से उन्हें जो मार्कशीट दी गई. वह जांच के दौरान फर्जी पाई गई. […]

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित खुसरो कॉलेज से बी.फार्मा की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि चार साल तक पढ़ाई करने और परीक्षा देने के बाद कॉलेज की ओर से उन्हें जो मार्कशीट दी गई. वह जांच के दौरान फर्जी पाई गई. इस खुलासे के बाद छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई, फार्मेसी रजिस्ट्रेशन और नौकरी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. शनिवार को परेशान छात्रों ने अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

छात्रों के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2020 में खुसरो कॉलेज में बी.फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था. इसके बाद चार वर्षों तक कॉलेज में पढ़ाई की और परीक्षाएं भी दीं. कोर्स पूरा होने के बाद कॉलेज की ओर से उन्हें मार्कशीट दी गई. छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने इस मार्कशीट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की तो दस्तावेजों को लेकर संदेह पैदा हुआ.

फर्जी मार्कशीट देने का आरोप

छात्रों का आरोप है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया यानी PCI में रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान मामले का खुलासा हुआ. जांच में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि कॉलेज से मिली मार्कशीट फर्जी है. इसके बाद छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की. उन्होंने कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी से भी शिकायत की, लेकिन छात्रों का आरोप है कि उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और कॉलेज से चले जाने तक के लिए कहा गया.

अधिकारियों से पहले भी कर चुके शिकायत

छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी की थी. उनके अनुसार, मामले में जांच के बाद कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और शेर अली जाफरी को जेल भी भेजा गया. हालांकि, इन दावों की पुष्टि और मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

छात्रों का कहना है कि फरवरी 2025 में अपर जिलाधिकारी और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में कॉलेज की ओर से उन्हें आश्वासन पत्र दिए गए थे. इसमें उनकी पढ़ाई और भविष्य से जुड़ी समस्या के समाधान का भरोसा दिया गया था. बाद में, कुछ छात्रों को दूसरे संस्थानों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन सभी छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल सका.

छात्रों ने जल्द समाधान की मांग की

वहीं, अब छात्रों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द समाधान कराने की मांग की है. साथ ही उन्होंने कॉलेज की संपत्ति की जांच और जरूरत पड़ने पर फीस व नुकसान की भरपाई कराने की भी मांग उठाई है. छात्रों का कहना है कि चार साल की पढ़ाई के बाद यदि उनकी मार्कशीट और डिग्री ही मान्य नहीं रहती, तो उनका भविष्य अधर में लटक जाएगा.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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