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अखिलेश के खिलाफ ‘याद रखेगा UP’, जवाब में ‘क से कलम’… 2027 से पहले डिजिटल दंगल​

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का वक्त बाकी है, लेकिन सियासी लड़ाई का एक नया मैदान तैयार है. ये मैदान है सोशल मीडिया और हथियार है AI. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच अब AI जनरेटेड वीडियो को लेकर आरपार की जंग शुरू होती दिख रही है. एक तरफ अखिलेश यादव […]

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब छह महीने का वक्त बाकी है, लेकिन सियासी लड़ाई का एक नया मैदान तैयार है. ये मैदान है सोशल मीडिया और हथियार है AI. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच अब AI जनरेटेड वीडियो को लेकर आरपार की जंग शुरू होती दिख रही है. एक तरफ अखिलेश यादव को निशाना बनाते AI वीडियो सामने आ रहे हैं तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर AI वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

अखिलेश यादव ने तो अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाकायदा योगी का AI वीडियो चलवाकर बीजेपी पर हमला बोला. इसके बाद से अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विवादित और अमर्यादित AI वीडियो की बाढ़ सी आ गई है. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर ये वीडियो बना कौन रहा है? कौन से सोशल मीडिया हैंडल इसके पीछे हैं? और क्या 2027 का चुनाव जमीन के साथसाथ अब AI की स्क्रीन पर भी लड़ा जाएगा? देखिए ये खास रिपोर्ट.

उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी तापमान बढ़ने लगा है और इस बार सियासी वार सिर्फ मंचों और रैलियों तक सीमित नहीं है. AI ने चुनावी लड़ाई का नया मोर्चा खोल दिया है. सोशल मीडिया पर नेताओं के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए जा रहे हैं, जिनमें राजनीतिक विरोधियों पर हमला किया जा रहा है. बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ही एकदूसरे पर डिजिटल कैंपेन चलाने के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इस कहानी में दो X हैंडल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं याद रखेगा UP और क से कलम.

अखिलेश और सपा को बनाया निशाना

सबसे पहले बात उस हैंडल की, जिसका नाम है याद रखेगा UP. इस X अकाउंट की शुरुआत इसी साल जून में हुई. अकाउंट से लगातार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाते हुए राजनीतिक पोस्ट और AI वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. इसी हैंडल से बॉलीवुड के चर्चित गाने मुन्नी बदनाम हुई की तर्ज पर एक AI वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें अखिलेश यादव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं. सूत्रों का दावा है कि इस अकाउंट को बीजेपी समर्थित एक ग्रुप चला रहा है.

याद रखेगा UP हैंडल से अखिलेश के खिलाफ वीडियो

हालांकि, बीजेपी ने भी आधिकारिक तौर पर इस हैंडल या इन वीडियो से खुद को अलग बताया है यानी बड़ा सवाल अभी भी कायम है कि याद रखेगा UP आखिर चला कौन रहा है? अखिलेश यादव के खिलाफ AI वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक दूसरा हैंडल तेजी से चर्चा में आया. इसका नाम है क से कलम. इस अकाउंट की शुरुआत इसी साल मार्च में हुई थी.

शुरुआत में सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आलोचनात्मक पोस्ट किए जा रहे थे, लेकिन अखिलेश के खिलाफ AI वीडियो की चर्चा बढ़ी तो इस अकाउंट से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाते AI वीडियो शेयर होने लगे. और फिर इसी हैंडल से शेयर किया गया एक वीडियो अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने चलवाया.

अखिलेश यादव ने AI वीडियो को लेकर बीजेपी पर सीधे हमला बोला. उन्होंने कहा कि बच्चों का खेल न खेलें. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को अपना पैसा इस तरह बर्बाद नहीं करना चाहिए.

सोशल मीडिया हैंडल कौन चला रहा है?

अखिलेश ने फिर ये भी कहा था, ‘अगर बच्चों की तरह खेलोगे तो हम भी खेलेंगे.’ अखिलेश ने सवाल उठाया कि आखिर ये सोशल मीडिया हैंडल कौन चला रहा है? उन्होंने कहा कि उन्होंने बच्चों को बहुत पहले लैपटॉप दे दिया था और वह इनसे बहुत आगे हैं. यानी अखिलेश ने AI वीडियो की लड़ाई को सीधे 2027 की चुनावी रणनीति से जोड़ दिया, लेकिन अखिलेश के AI वीडियो चलाने के बाद बीजेपी भी मैदान में उतर आई.

यूपी बीजेपी का बड़ा आरोप

यूपी बीजेपी ने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में चलाए गए वीडियो के जरिए साधुसंतों, सनातन परंपरा और सनातनियों की आस्था का अपमान किया गया. बीजेपी ने इसे अखिलेश यादव की सनातन विरोधी सोच से जोड़कर हमला बोला. बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी इस स्तर की राजनीति नहीं करती. उनका कहना है कि चुनाव AI वीडियो से नहीं, जनता के दिल पर राज करके जीते जाते हैं.

सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने के आरोप

इस पूरी कहानी का सबसे अहम पहलू यही है कि दोनों तरफ से एकदूसरे पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक याद रखेगा UP को बीजेपी या क से कलम को समाजवादी पार्टी के आधिकारिक संगठन से जोड़ने का कोई निर्णायक सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है. हालांकि, क से कलम हैंडल से शेयर किए जा रहे AI वीडियो को समाजवादी पार्टी मीडिया सेल से शेयर कर रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर दोनों पार्टियां इन अकाउंट्स से दूरी बनाए हुए हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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