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PCOD की वजह से मां बनने की उम्मीद छूटी, आयुर्वेदिक इलाज से नेचुरली हुई प्रेग्नेंट​

मां बनना एक खूबसूरत एहसास है लेकिन प्रेगनेंसी पीरियड अपने साथ कई चुनौतियां भी लाता है. दिक्कत तब बढ़ती है जब कोई महिला प्रेगनेंट होना चाहती हो लेकिन हेल्थ इश्यू की वजह से ऐसा न हो पा रहा हो. एक महिला को पीसीओडी था लेकिन हैरान करने वाली बात ही वो आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के जरिए […]

मां बनना एक खूबसूरत एहसास है लेकिन प्रेगनेंसी पीरियड अपने साथ कई चुनौतियां भी लाता है. दिक्कत तब बढ़ती है जब कोई महिला प्रेगनेंट होना चाहती हो लेकिन हेल्थ इश्यू की वजह से ऐसा न हो पा रहा हो. एक महिला को पीसीओडी था लेकिन हैरान करने वाली बात ही वो आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के जरिए मां बन पाई. दरअसल, मां बनने का इंतजार किसी भी महिला के लिए भावनात्मक सफर होता है. जब इस दौरान पीसीओडी जैसी समस्या का पता चलता है तो चिंता और बढ़ जाती है.

विजयलक्ष्मी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. पीसीओडी का पता चलने के बाद उनके मन में भी कई सवाल थे. परिवार और आसपास के लोगों के सवाल—अभी तक बच्चा क्यों नहीं हुआ? उनके लिए परेशानी बढ़ाने वाले थे. लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. उन्होंने आयुर्वेद पद्धित से अपना इलाज कराया और नेचुरली बच्चा कंसीव किया.

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

डॉ. चंचल शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद के इलाज से महिला की जिंदगी में वह खुशखबरी आई, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था. डॉ चंचल बताती हैं कि पीसीओडी का मतलब हमेशा मां बनने में परेशानी नहीं पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल समस्या है.

इसमें पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, वजन बढ़ सकता है और शरीर में हार्मोन का संतुलन प्रभावित हो सकता है. कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन यानी अंडे के रिलीज होने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है, जिससे गर्भधारण में दिक्कत आ सकती है. हालांकि, पीसीओडी का मतलब यह नहीं है कि महिला मां नहीं बन सकती. कई महिलाएं उचित चिकित्सकीय देखभाल, जीवनशैली में बदलाव और जरूरत के अनुसार उपचार के बाद गर्भधारण करती हैं.

हर महिला की कहानी अलग होती है

इनफर्टिलिटी या गर्भधारण में परेशानी के कई कारण हो सकते हैं. पीसीओडी के अलावा ट्यूब में ब्लॉकेज, एंडोमेट्रियोसिस, ओव्यूलेशन से जुड़ी समस्या, उम्र और पुरुष साथी से जुड़े कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं. इसलिए केवल किसी एक उपचार को हर महिला के लिए समान रूप से प्रभावी मानना सही नहीं है.

विजयलक्ष्मी के मामले में आयुर्वेदिक उपचार और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के बाद उन्हें गर्भधारण की खुशी मिली. उनकी कहानी उन महिलाओं के लिए उम्मीद जरूर जगाती है जो PCOD या गर्भधारण से जुड़ी किसी समस्या से गुजर रही हैं.

मां बनने की राह में सबसे जरूरी है कि समस्या का सही समय पर पता चले और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उपचार लिया जाए. बीमारी का पता चलना सफर का अंत नहीं है. सही देखभाल और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन के साथ आगे की राह बेहतर हो सकती है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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