
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुरुआती दो टेस्ट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने सोमवार शाम सात खिलाड़ियों को टीम से वापस बुलाने की पुष्टि की। इनमें मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा और इमामउलहक जैसे अनुभवी नाम भी शामिल हैं।
इस फैसले से पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि बोर्ड को अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों के प्रति थोड़ा सम्मान दिखाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि रिजवान और आगा को अंतिम एकादश से बाहर रखा जा सकता था, लेकिन उन्हें पूरी टीम से ही वापस भेजना उचित फैसला नहीं था।
बता दें कि पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट की श्रृंखला में शुरुआती दोनों मुकाबलों में खराब नतीजों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने व्यापक बदलाव का रास्ता चुना है। सात खिलाड़ियों की जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है।
कामरान अकमल ने कहा कि अभी एक टेस्ट बाकी था और सलमान आगा तथा मोहम्मद रिजवान जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों को टीम के साथ रखा जा सकता था। उनके मुताबिक दोनों को अंतिम एकादश से बाहर रखने का विकल्प मौजूद था। खिलाड़ियों को वापस भेजने से टीम के बाकी सदस्यों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इसी तरह बड़े बदलाव करने हैं तो अध्यक्ष मोहसिन नकवी को पूरी व्यवस्था पर दोबारा विचार करना चाहिए। कामरान के अनुसार मौजूदा फैसला देश के लिए अच्छा संदेश नहीं देता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी गलत तस्वीर बन सकती है।
गौरतलब है कि सलमान अली आगा ने बाबर आजम की गैरमौजूदगी में हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में पाकिस्तान की कप्तानी की थी। बाबर की वापसी के बाद उन्हें लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे मुकाबले की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली।
दूसरी ओर मोहम्मद रिजवान भी इंग्लैंड के खिलाफ बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने चार पारियों में केवल 61 रन बनाए। उनके खेल में गलत समय पर जोखिम लेने की प्रवृत्ति भी नजर आई, जिससे टीम को नुकसान उठाना पड़ा।
इमामउलहक का प्रदर्शन भी पहले टेस्ट में निराशाजनक रहा था। दूसरे टेस्ट के पहले दिन क्षेत्ररक्षण के दौरान उनकी पिंडली में चोट लग गई। इसके बाद वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरे। उनकी चोट को लेकर भी चर्चा हुई और पाकिस्तान के एक पूर्व चयनकर्ता ने उन पर पहले भी चोट का बहाना बनाने का आरोप लगाया था।
खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान के कोचिंग ढांचे में भी बदलाव किया गया है। टेस्ट टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी टीम से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह सफेद गेंद की टीम के कोच माइक हेसन और एशले नॉफ्के को जिम्मेदारी दी गई है।
तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम में बाबर आजम कप्तान, अब्दुल्ला फजल, अब्दुल्ला शफीक, अराफात मिन्हास, अजान अवैस, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मुहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान जूनियर, मुहम्मद गाजी गोरी, रजाउल्लाह, साद बैग, साइम अयूब, साजिद खान, सऊद शकील, शान मसूद और उबैद शाह शामिल हैं।
अब बर्मिंघम में होने वाला तीसरा और आखिरी टेस्ट पाकिस्तान के लिए सिर्फ श्रृंखला का मुकाबला नहीं, बल्कि लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम की दिशा तय करने का मौका भी है। बोर्ड के फैसले ने भले ही बदलाव की शुरुआत कर दी हो, लेकिन इन बदलावों का असर मैदान पर कितना दिखाई देता है, यह आने वाला मुकाबला ही बताएगा।