अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा अपनी नई स्पेस टेलीस्कोप को लॉन्च करने के लिए तैयार है. इसका नाम है नैंसी ग्रेस रोमस स्पेस टेलीस्कोप. लॉन्चिंग 30 अगस्त को होगी. इसे आमतौर रोमन टेलीस्कोप कहा जा रहा है. यह टेलीस्कोप खगोलविज्ञानियों को ब्रह्मांड और बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी. अंतरिक्ष के नजारे और ज्यादा करीब से दिखाएगी. खगोलीय पिंड का अध्ययन करना ज्यादा आसान होगा. रोमन टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिक छोटे और सीमित दायरे वाली जगहों को भी समझ पाएंगे.

इसकी जरूरत महसूस होने के पीछे कई कारण हैं. जैसे ब्रह्मांड का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. रोमन खगोल विज्ञान के कुछ सबसे बड़े रहस्यों की पड़ताल करेगा. इसका एक बड़ा लक्ष्य डार्क एनर्जी है. यह दूरबीन आकाशगंगाओं, तारों और बाहरी ग्रहों का भी अध्ययन करेगी.
100 गुना बड़ा नजारा, रोमन टेलीस्कोप कितनी खास?
रोमन टेलीस्कोप इसलिए भी बहुत काम की दूरबीन साबित होगी क्योंकि यह हबल टेलीस्कोप के मुकाबले 100 गुना ज्यादा बड़ा नजारा दिखाएगी. NASA की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टेलीस्कोप एक अरब आकाशगंगाओं से आने वाली रोशनी को भी माप सकेगा. यह ऑब्ज़र्वेटरी तारों की रोशनी को रोककर सीधे एक्सोप्लैनेट्स यानी सौरमंडल के बाहर के ग्रहों और ग्रह बनाने वाली डिस्क को देख सकेगी. आकाशगंगा में मौजूद प्लेटनेट के सिस्टम की सांख्यिकीय गणना कर सकेगी, और डार्क एनर्जी, एक्सोप्लैनेट्स और इन्फ्रारेड एस्ट्रोफिजिक्स से जुड़े अहम सवालों के जवाब भी खोज सकेगी
नैंसी ग्रेस रोमस स्पेस टेलीस्कोप. फोटो: NASA
रोमन टेलीस्कोप को बड़े स्तर पर खगोल विज्ञान के लिए डिजाइन किया गया है. यह आकाश के किसी एक छोटे से हिस्से पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, कहीं अधिक बड़े हिस्सों को कैप्चर कर सकता है. वैज्ञानिकों को अरबों वर्षों में ब्रह्मांड में हुए परिवर्तनों की स्पष्ट तस्वीर बनाने में मदद मिल सकती है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो नासा की नई आंख जल्द ही ब्रह्मांड के बड़े रहस्यों को उजागर कर सकती है.
कैसे होगी लॉन्चिंंग और क्या है नासा की तैयारी?
टेलीस्कोप की लॉन्चिंग के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. टीम ने फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर स्थित पेलोड हैजर्डस सर्विसिंग फैसिलिटी में स्पेसएक्स फाल्कन हेवी रॉकेट के अंदर इसे सुरक्षित स्थापित कर दिया गया है.रोमन टेलीस्कोप को 43 फीट ऊंचे प्रोटेक्टिव शेल में रखा गया है. यह डिब्बा टेलीस्कोप के लिए लॉन्चिंग के दौरान सुरक्षा कवच का काम करेगा.
रोमन टेलीस्कोप को 43 फीट ऊंचे प्रोटेक्टिव शेल में रखा गया है. फोटो: NASA
उड़ान भरने के दौरान, फेयरिंग पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय रोमन रॉकेट को ध्वनि के कंपन, दबाव और ताप से बचाती है. उड़ान के कुछ मिनट बाद, जब परिस्थितियां सुरक्षित हो जाती हैं, तो फेयरिंग अलग हो जाती है, जिससे रोमन टेलीस्कोप सूर्यपृथ्वी लैग्रेंज बिंदु 2 पर स्थित अपने लक्ष्य की ओर यात्रा जारी रख पाती है. इस बीच, फेयरिंग के दोनों हिस्से पृथ्वी पर लौट आते हैं और स्पेसएक्स द्वारा उन्हें हासिल कर लेता है.
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— Nancy Grace Roman Space Telescope August 25, 2026
टीमें जल्द ही रोमन टेलीस्कोप को लॉन्च पैड 39ए पर मौजूद स्पेसएक्स के हैंगर में ले जाएंगी, जहां एनकैप्सुलेटेड पेलोड को फाल्कन हेवी रॉकेट से जोड़ा जाएगा और फिर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए के पैड पर ले जाया जाएगा.